bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
Awadhi
/
2 Timothy 4
2 Timothy 4
Awadhi
1
परमेस्सर क साछी कइके अउर मसीह ईसू क आपन साछी बनाइ क जउन सबहिं जिअत अउर जउन मरि चुका बाटेन, ओनकइ निआउ करइवाला अहइ, अउर काहेकि ओकर फिन स आगमन अउर ओकर राज्य लगे बा, मइँ तोहसे सपथ स हुकुम देत हउँ।
2
सुसमाचर क प्रचार लगातार करा। चाहे तू पचन क सुविधा होइ या असुविधा आपन कर्तव्य करत रहा। लोगन क का करइ चही, ओनक समझावा। जबहिं उ पचे बुरा काम करइँ ओनका समझावा लोगन क धीरज दइके समझावत भए ओनका प्रोत्साहित करइ चाही। यह सब धीरज और सावधानी स दी गइ सिच्छा द्वारा करा।
3
मइँ इ एह बरे बतावत हउँ कि एक समइ अइसा आई जब लोग अच्छा उपदेस क सुनब तक न चइहीं उ आपन इच्छन क कारण अपने बरे बहुत स गुरू एकठ्ठा कइ लेइहीं, जउन उहइ सुनइहीं जउन उ पचे सुनइ चाहत हीं।
4
उ पचे आपन कानन क सत्य स फेर लेइहीं अउर कल्पित सबइ कथा प धियान देइ लगिहीं।
5
परन्तु तू निस्चय स सब परिस्थितियन मँ संयमी रह्या, सबइ यातना झेला अउर सुसमाचर क प्रचार क काम करा। जउन सेवा तोहका सऊँपी गइ बा, ओका पूरा करा।
6
जहाँ तक मोर बात बा, मइँ तउ अब अर्घ क समान उँड़ेला जाइ पर हउँ। अउर मोर तउ एह जीवन स विदा लेइ क समइ भी आइ पहुँचा अहइ।
7
मइँ उत्तम स्पर्धा मँ लगा रहा हउँ। मइँ आपन दउड़-दउड़ चुका हउँ। मइँ बिसवास क रास्ता क रच्छा किहे हउँ।
8
अब विजय मुकुट मोर प्रतिच्छा मँ बा। जउन अच्छे जीवन क बरे मिलइ क बा। ओह दिना निआउ कर्ता पर्भू मोका विजय मुकुट पहिराई। न केवल मोका, बल्कि ओन्हन सभन क जउन पिरेम क साथे ओकरे परगट होइ क बाट जोहत रहत हीं।
9
मोसे जेतॅना जल्दी होइ सकइ, मिलइ आवइ क पूरी जतन करा।
10
काहेकि एह जगत क मोह मँ पड़िके देमास तउ मोका तियाग दिहे अहइ अउर उ थिस्सलुनीके चला गवा बा। क्रेसकेंस गलातिया क अउर तीतुस दलमतिया क चला गवा बा
11
केवल लूका ही मोरे लगे बा। मरकुस क लगे जाब अउर जब तू आवा, ओका अपने हाथे लइ आवा काहेकि मोर काम मँ उ मोरे बहुत सहायक क होइ सकत ह।
12
तुखिकुस को मई इफिसुस भेजत अहउँ।
13
जब तू आवा, तउ ओका कोट के, जेका मइँ त्रोआस मँ करपुस क घरे छोड़ि आइ रहेउँ, लइ आवा। मोर कितबियन, विसेस कर चमड़े क चिटिठ्न क लइ आवा।
14
ताम्रकार सिकन्दर तउ मोका बहुत हानि पहुँचाए अहइ। उ जइसेन किहे अहइ, पर्भू ओकरे करमन क अनुसार ओका वइसेन फल देई,
15
तूहऊँ ओसे सचेत रहा काहेकि उ मोर उपदेस क घोर विरोध करत रहा बाटइ।
16
सुरू मँ जब मइँ आपन बचाव पेस करइ लागउँ तउ मोर पच्छ मँ कउनो सामने नाहीं आवा। बल्कि ओन्हन तउ मोका अकेलइ छोड़ि दिहे रहेन। परमेस्सर करई ओन्हे एकर हिसाब न देइ पड़इ।
17
मोरे पच्छ मँ त पर्भू खड़ा होइके मोका सक्ती दिहेस। त्ताकि मोरे द्वारा सुसमाचार क भरपूर प्रचार होइ सकइ, जेका सभन गैर यहूदियन सुनि पावइँ। सिंह क मुँह स मोका बचाइ लीन्ह गवा बा।
18
कीहींउ पाप क भारी हमला स पर्भू मोका बचाई अउर अपने सरग क राज्य मँ सुरच्छा स लइ जाई। ओकर महिमा हमेसा हमेसा होत रहइ। आमीन।
19
प्रिस्का, अक्किला अउर उनेसिफुरूस क परिवार क नमस्कार कहया।
20
इरास्तुस कुरिन्थुस मँ ठहर गवा बा। मइँ त्रुफिमुस क ओकरी बीमारी क कारण मीलेतुस मँ छोड़ दिहे अहउँ।
21
जाड़ा स पहिले आवइ क जतन करा। यूबुलुस, पुदेंस, लिनुस अउर क्लौदिया अउर सभन भाइयन क तोहे नमस्कार पहुँचइ।
22
पर्भू तोहरे साथे रहइ। तू सब प पर्भू क अनुग्रह होई।
← Chapter 3