bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
Awadhi
/
Jeremiah 3
Jeremiah 3
Awadhi
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 51
Chapter 52
Chapter 4 →
1
“अगर कउनो मनई आपन पत्नी क तलाक देत ह, अउर उ पत्नी ओका तजि देत ह अउर दूसर मनई बियाह कइ लेत ह तउ का उ मनई आपन पत्नी क लगे फुन आइ सकत ह नाहीं। जदि उ मनई उ मेहरारू क लगे लउटी तउ देस पूरी तरह गन्दा होइ जाइ। यहूदा, तू रण्डी क तरह अनेक पिरेमियन (लबार देवतन) क संग काम किहा अउर अब तू मोरे लगे लउटइ चाहत अहा।” इ सँदेसा यहोवा क रहा।
2
“खाली पहाड़ी क चोटी क लखा। क कउनो अइसी जगह अहइ जहाँ तोहार आपन पिरेमियन क संग सारीरिक सम्बन्ध नाहीं चला? तू सड़किया क किनारे पिरेमियन क प्रतीच्छा करती बइठी अहा। तू हुआँ रेगिस्तान मँ प्रतीच्छा करत अरब क तरह बइठा। ऍह बरे तू मोहसे बेवफाइ कइ क अउर बहोत सारी ‘बुरा’ करम कइ क धरती क अपवित्तर बना दिहेस ह।
3
तू पाप किहा एह बरे बर्खा नाहीं आई। बसन्त समइ क कउनो बर्खा नाहीं भइ। मुला अबहिं भी तू लज्जित होइ स इनकार करति अहा। तोहरे मुँहना पइ रण्डी क भाव अहइ जब उ लज्जित होइ स इनकार करति अहा। तू आपन कीन्ह करमन पइ लज्जित होइ स इनकार करति अहा।
4
मुला अब तू मोका बोलावत अहा। ‘मोर पिता, तू मोर बचपन स मोर प्रिय मीत रहा ह।’
5
तू इ भी कह्या, ‘परमेस्सर सदैव मोह पइ कोहान नाहीं रही। परमेस्सर क किरोध सदैव बना नाहीं रही।’ “तू इ सब कछू कहत अहा, मुला तू ओतने ही बुराई करति अहा जेतना तू कइ सकत अहा।”
6
ओन दिनन जब योसिय्याह यहूदा रास्ट्र पइ हुकूमत करत रहा। यहोवा मोहसे बातन किहस। यहोवा कहेस, “यिर्मयाह, तू ओन बुरे करमन क लखा जउन इस्राएल किहस? तू लख्या कि कइसे मोरे संग बिस्ससघात किहस। उ हर एक पहाड़ी क ऊपर अउर हर एक हरियर बृच्छ क खाले झूठी मूरतियन क पूजिके बिभिचार करइ क पाप किहस।
7
मइँ अपने स कहेउँ, ‘इस्राएल मोरे लगे तब लउटी जब उ आपन बुरे करमन क कइ चुकी।’ किन्तु उ मोरे लगे नाहीं लउटेस अउर ओका अबिस्सासी बहिन यहूदा लखेस कि इस्राएल का किहेस ह?
8
यहूदा लखेस कि मइँ अबिस्सासी इस्राएल क दूर पठाइ दिहेस ह काहेकि उ बिभिचार किहे रही। मइँ ओका तलाक पत्र लिखिके तलाक देइ दिहा। किन्तु ओकरे अबिस्सासी बहिन यहूदा ओन बातन स नाहीं डेराएस। यहूदा भी निकर गइ अउर उ रण्डी क तरह रहइ लगेस।
9
यहूदा इ धियान भी नाहीं दिहस कि उ रण्डी क तरह काम करति बाटइ। एह बरे उ आपन देस क गन्दा किहस। उ काठे अउर पाथर क बनी मूरतियन क पूजा कइके बिभिचार क पाप किहस।
10
इस्राएल क अबिस्सासी बहिन (यहूदा) आपन पूरे हिरदइ स मोरे लगे लउटी नाहीं। उ सिरिफ बहाना बनाएस कि उ मोरे लगे लउटी अहइ।” इ सँदेसा यहोवा क रहा।
11
यहोवा मोसे कहेस, “इस्राएल मोर मनवइया नाहीं रही। मुला ओकरे लगे कपटी यहूदा क अपेच्छा नीक बहाना रहा।
12
उत्तर कइँती लखा अउर इ सँदेसा बोला: “‘अबिस्सासी इस्राएल क लोगो तू पचे लउटा।’ यहोवा कहत ह। मइँ तू पचन स आपन मुँह नाहीं फेरब। मइँ दयासागर हउँ, ‘मइँ सदैव तू पचन पइ कोहान नाहीं रहब।’ यहोवा कहत ह।
13
‘तोहका सिरिफ एतना करब होइ कि तू आपन पापन क स्वीकारा। तू यहोवा अपने परमेस्सर क खिलाफ अपराध किहस, इ तोहार पाप अहइ कि तू दूसर रास्ट्रन क लोगन क देव मूरतियन क आपन पिरेम दिहा। तू आपन देव मूरतियन क पूजा हर एक हरियर बृच्छ क खाले किहा। तू मोर आग्या क पालन नाहीं किहा।’” यहोवा कहत ह।
14
“अभकत लोगो, मोरे लगे लउटि आवा।” इ सँदेसा यहोवा क रहा। “मइँ तोहार सुआमी अहउँ। मइँ हर एक नगर स एक मनई लेब अउर हर एक परिवार स दुइ मनई अउर तू पचन्क सिय्योन पइ लिआउब।
15
तब मइँ तू पचन्क नवा सासक देब। उ पचे सासक मोर मनवइयन होइहीं। उ पचे तोहार पचन्क मार्ग दर्सन गियान अउर समुझ स करिहीं।
16
ओन दिना तू लोग बड़ी गनती मँ देस मँ होब्या।” इ सँदेसा यहोवा क अहइ। “उ समइ लोग फुन इ कबहुँ नाहीं कइहीं, ‘मइँ ओन दिनन क सुमिरत हउँ जब हम लोगन क लगे यहोवा क करार क सन्दूख रहा।’ उ पचे पवित्तर सन्दूख क बारे मँ फुन कबहुँ सोचिहीं भी नाहीं। उ पचे न तउ एका याद करिहीं अउर न ही ओकरे बरे अफसोस करिहीं। उ पचे दूसर पवित्तर सन्दूख कबहुँ नाहीं बनइहीं।
17
उ समइ, यरूसलेम नगर ‘यहोवा क सिंहासन’ कहा जाइ। सबहिं रास्ट्र एक संग यरूसलेम नगर मँ यहोवा क नाउँ क सम्मान देइ अइहीं। उ पचे आपन हठी अउर बुरे हिरदय क अनुसार अब कबहुँ नाहीं चलिहीं।
18
ओन दिनन यहूदा क परिवार इस्राएल क परिवार क संग मिलि जाइ। उ पचे उत्तर मँ एक देस स एक साथे अइहीं। उ पचे उ देस मँ अइहीं जेका मइँ ओनकर पुरखन क दिहे रहे रहेउँ।”
19
मइँ यानी यहोवा अपने स कहेउँ, “मइँ तू पचन स आपन बचवन क नाई बेउहार करइ चाहत हउँ, मइँ तू पचन्क एक सुहावना देस देइ चाहत हउँ। उ देस जउन कउनो भी रास्ट्र स जियादा सुन्नर होइ। मइँ सोचे रहेउँ कि तू पचे मोका ‘बाप’ कहब्या। मइँ सोचे रहेउँ कि तू पचे मोर सदैव अनुसरण करब्या।
20
मुला तू पचे उ मेहरारू क नाई भया जउन पतिव्रता नाहीं रही। इस्राएल क परिवार, तू पचे मोरे बरे बिस्सासघाती रह्या।” इ सँदेसा यहोवा क रहा।
21
“तू पचे नंगी पहाड़ियन पइ रोउब सुन सकत ह। इस्राएल क लोग कृपा बरे रोवत रहेन अउर पराथना करत अहइँ। उ पचे बहोत बुरा होइ ग रहेन। उ पचे आपन परमेस्सर यहोवा क बिसरी ग रहेन।
22
“इस्राएल क अबिस्सासी लोगो, तू पचे मोरे लगे लउटि आवा, अउर मइँ तोहरे पचन्क अबिस्सासी होइ क अपराध क छिमा करब। “लोगन क कहइ चाहीं, ‘हाँ, हम लोग तोहरे लगे आउब तू हमार परमेस्सर यहोवा अहा।
23
निहचय ही पहाड़ियन पइ देवमूरतियन क पूजा अउर पहाड़न पइ जमा होइ सिरिफ झूठी आसा देत ह। निहचय ही, इस्राएल क मुक्ति, यहोवा आपन परमेस्सर स आवत ह।
24
उ मुरतियन हमरे पुरखन क हर एक चीज बलि क रूप मँ हम लोगन क बचपन क अमइ स ही खाएस। उ मूरितयन हमरे पुरखन क पसु, भेड़ी, पूत, बिटिया लिहस।
25
हम पचन्क आपन लाज मँ, माथा टेकइ चाही, लज्जा हम लोगन क कम्बल क नाई ढाँप लाइ। हम अउर हमार पुरखन आपन परमेस्सर यहोवा क खिलाफ पाप किहे अही। हम आपन परमेस्सर यहोवा क आग्या आपन बचपन स ही नाहीं माने अही।’”
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 51
Chapter 52
Chapter 4 →