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Zechariah 4
Zechariah 4
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1
तब ओकर पाछे जउन सरगदूत मोहसे बातन करत रहा, वापिस आएस अउर मोका जगाएस। मोका अइसा लाग जइसा कउनो क नींद जगाया जात ह।
2
उ मोसे पूछेस, “तू का लखत अहा?” मइँ जवाब दिहेउँ, “मइँ एक ठु ठोस सोना क डीबट लखत हउँ। हुवाँ ओकरे सिरे पइ एक ठु पिआला अहइ। पिआले मँ स सात ठु दीपक अहइँ। इ सबइ दीपक डीबट पइ अहइ अउर उ सबइ नाली क जुड़ा भवा अहइ।
3
अउर दुइ जइतून क पेड़ पिआला क पीछे मँ अहइ एक ठु पिआल दाहिने तरफ अउर दूसरा पियाले क बाये तरफ अहइ।”
4
तब मइँ, उ सरगदूत स जउन पूछेस जउन तोह स बातन करत रहा, “महोदय, एन सबन्क अरथ का अहइ?”
5
तब सरगदूत जउन मोहसे बातन करत रहा जवाब दिहेस, “का तू नाहीं जानत्या कि इ सबइ चिजियन का अहइँ?” मइँ कहेउँ, “नाहीं, महोदय।”
6
तब उ मोहसे कहेस, “इ यहोवा क सँदेसा जरूब्बाबेल बरे बाटइ: ‘तोहरी सक्ति अउ प्रभुता स मदद नाहीं मिली। वरना तोहका मदद मोरी आतिमा स मिली।’ सर्वसक्तीमान यहोवा इ सब कहत ह।
7
उ ऊँचके महान पर्वत, तू का अहइ? जरूब्बाबेल समन्वा तू एक समतल भुइँया क नाईं अहइ। उ मंदिर क बनाई। जब आखिरी पाथर इ पइ रखा जाइ तब लोग नरियाइ उठिहीं, ‘वाह केतॅना सुन्नर, वाह बहोत सुन्नर!”
8
तउ यहोवा वचन मोर लगे आवा,
9
“जरूब्बाबेल क हाथन इ मंदिर क नींव पाथर राखब्या अउर ओकर हाथन इ मन्दिर क पूरा करब्या। हे लोगो तब तू पचे समुझब्या कि सर्वसक्तीमान यहोवा मोका तू लोगन क लगे पठएस ह।
10
जउन कउनो भी जउन उ दिन क मजाक उड़ावत ह जब छोटे स्तर पइ निर्माणकारी कार्य सुरू कीन्ह गवा रहा तउ जब उ पचे जरूब्बाबेल क हाथ मँ समारोह क पाथर जउन कि अन्तिम पाथर होइ तउ आन्दित होइ। इ सात दीपक यहोवा क आँख अहइ। सचमुच भुइँया पइ खोजइ बरे उ पचे आगे पीछे फिरत।”
11
तब मइँ ओहसे कहेउँ, “इ दुइ ठु जइतून क बृच्छ अहइँ। एक दीपाधार क दाईं अउर एक बाईं कइँती अहइ। इ सबइ का अहइँ?”
12
मइँ ओहसे इ भी कहेउँ, “मइँ जइतून क दुइनउँ साखा सोने क रंग क तेल लइ जात, सोना क नलन क सहारे लखेउँ। एन चिजियन क अरथ का अहइ?”
13
तब सरगदूत मोसे कहेस, “का तू नाहीं जानत्या कि एन चिजियन क अरथ का अरथ का बा?” मइँ कहेउँ, “नाहीं महोदय।”
14
एह बरे उ जवाब दिहेस, “इ दुइ अभिसिक्त कीन्ह भवा मनई क प्रस्तुत करत ह जउन कि समूचइ धरती क सुआमी क बगल मँ खड़ा अहइ।”
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