Ezekiel 47:12 — Compare Translations

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Awadhi
हर तरह क फलदार बृच्छ नदी क दुइनउँ ओर उगत हीं। एनकर पत्तन कबहुँ झुरातेन अउ मरतेन नाहीं। एन बृच्छन पइ फल लगब कबहुँ रूकत नाहीं। बृच्छ हर महीने फल पैदा करत हीं। काहेकि बृच्छन बरे पानी मन्दिर स आवत ह। बृच्छन क फल भोजन बनी, अउर ओनकर पातियन औसधियन होइहीं।”