Bhilali (भगवानेन छाचला बुल)
ए आखा बासे, मे तुहुं काजे गुयो लिखणे बाजी रयु की जु ईसु कळ नी घड़ायी, ने पेहलेन छे, तीनाक तुहुं जुत छे, करीन वारु जाण रया। ए जुवान्या, मे तुहुंक गुयो लिखणे बाजी रयु की तुहुं ते वेरी भुतड़ा साते लड़ाय करीन तीनाक जीक लेदला छे। ए भगवानेन पुर्या, मे तुहुंक अळी गुयो लिखणे बाजी रयु की तुहुं ते सरग वाळा बासेक जाण लेदला छे।