Bhilali (भगवानेन छाचला बुल)
जे दुय जणा भगवानेन छाचाय सी छेटा हय गुया, तींद्रो कवणु छे की आपणु जत्यार ईसु पर भुरसु कर्या, तत्यारुत आपसा जीवेम मर्या-सर्याम सी जीवतो हय्न बठो हवणु हात कर लेदला, ती हय आपणेम पछो जीवतो हवणेन काय बी वात नी बची; ने नवला डीलेम, मर्या-सर्याम सी पछो जीवतो हय्न बठो हवणेन वातुत नी हय असा कय्न हुमन्यु ने फेलत्यु, थुड़ाक माणसेक ईसुन भुरसा सी छेटा करने हींड रया, ने आपणा भुरसान पायुत उळखीन नाखणे हींड रया।