Bhilali (भगवानेन छाचला बुल)
ने हयु जनवार्या ने तेरे भेळु चु लुच्चु अघी सी आवणे वाळी वात बताड़न्यु धराय गुयु, जु तेरे अगळ असा सहलाणी देखाड़ला, तीनु सी हयु तीनुक भटकाड़्यु, जीनु पर तीना जनवार्यान छाप हतली, ने जे तेरे मुरतीन पुजा करतेला। जे दुयु जीवता जीवतात तीना आकठान कुंडा मां, जो गंधक सी जलम धपे, चां नाख्या।