Mark 4:17 — Compare Translations

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Braj (बृज भासा)
पर अपने भीतर जड़ नांय रखवे के कारन बे थोड़े ही दिनान के काजै रैवे हैं, जाके बाद जब वचन केमारै बिनपै दुख या अत्‍याचार होत है, तौ बे बाई समै अपनों भरोसौ खो बैठत हैं।