1 Corinthians 14:7 — Compare Translations

10 translations compared side by side

Hindi (Roman Script)
isee prakar yaadi nirjeev vastuaen bhee, jin se dhvaani nikalatee haai jese bansuree, ya been, yadi un ke svaron men bhed n ho to jo foonka ya bajaya jata haai, vah kyonkar paahichana jaaega?
Hindi 2017 (नया नियम)
इसी प्रकार यदि निर्जीव वस्तुएँ भी, जिन से ध्‍वनि निकलती है जैसेबाँसुरी, या बीन, यदि उनके स्‍वरों में भेद न हो तो जो फूँका या बजाया जाता है, वह क्‍योंकर पहिचाना जाएगा?
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
यह बोलना तो ऐसे ही होगा जैसे किसी बाँसुरी या सारंगी जैसे निर्जीव वाद्य की ध्वनि। यदि किसी वाद्य के स्वरों में परस्पर स्पष्ट अन्तर नहीं होता तो कोई कैसे पता लगा पायेगा कि बाँसुरी या सारंगी पर कौन सी धुन बजायी जा रही है।
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
बाँसुरी या वीणा - जैसे निर्जीव वाद्यों के विषय में भी यही बात है। यदि उनसे उत्‍पन्न स्‍वरों में कोई भेद नहीं है, तो यह कैसे पता चलेगा कि बाँसुरी या वीणा पर क्‍या बजाया जा रहा है?
Hindi Bible HHBD
इसी प्रकार यदि निर्जीव वस्तुएं भी, जिन से ध्वनि निकलती है जेसे बांसुरी, या बीन, यदि उन के स्वरों में भेद न हो तो जो फूंका या बजाया जाता है, वह क्योंकर पहिचाना जाएगा?
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Agar sab miuzik instramenṭ ek hee awaaj nikaari, tab tum keise bataayga ki kon baañsuri hei aur kon harp (beena) hei?
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
इसी प्रकार यदि निर्जीव वस्तुएँ भी जिनसे ध्वनि निकलती है, जैसे बाँसुरी या बीन, यदि उनके स्वरों में भेद न हो तो जो फूँका या बजाया जाता है, वह कैसे पहिचाना जाएगा?
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
जैसे कि आवाज़ निकालनेवाली निर्जीव वस्तुओं के भी, चाहे वह बाँसुरी हो या वीणा, यदि उनके सुरों में अंतर न हो तो कैसे पहचाना जाएगा कि क्या बजाया जा रहा है?
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
निर्जीव वस्तुएं भी ध्वनि उत्पन्‍न करती हैं, चाहे बांसुरी हो या कोई तार-वाद्य. यदि उनसे उत्पन्‍न स्वरों में भिन्‍नता न हो तो यह कैसे मालूम होगा कि कौन सा वाद्य बजाया जा रहा है?
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
इसी प्रकार यदि निर्जीव वस्तुएँ भी, जिनसे ध्वनि निकलती है जैसे बाँसुरी, या बीन, यदि उनके स्वरों में भेद न हो तो जो फूँका या बजाया जाता है, वह क्यों पहचाना जाएगा?