1 Corinthians 6:2 — Compare Translations
10 translations compared side by side
Hindi (Roman Script)
kya tum naheen janate, ki pavitra log jagat ka nyay karenge? so jab tumhen jagat ka nyay karana he, to kya tum chhotte se chhotte jhgadon ka bhee nirny karane ke yogy naheen?
Hindi 2017 (नया नियम)
क्या तुम नहीं जानते, कि पवित्र लोग जगत का न्याय करेंगे? सो तब तुम्हें जगत का न्याय करना है, तो क्या तुम छोटे से छोटे झगड़ों का भी निर्णय करने के योग्य नहीं?
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
अथवा क्या तुम नहीं जानते कि परमेश्वर के पवित्र पुरुष ही जगत का न्याय करेंगे? और जब तुम्हारे द्वारा सारे संसार का न्याय किया जाना है तो क्या अपनी इन छोटी-छोटी बातों का न्याय करने योग्य तुम नहीं हो?
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
क्या आप नहीं जानते कि सन्त संसार का न्याय करेंगे? यदि आप को संसार का न्याय करना है, तो क्या आप छोटे-से मामलों का फ़ैसला करने योग्य नहीं हैं?
Hindi Bible HHBD
क्या तुम नहीं जानते, कि पवित्रा लोग जगत का न्याय करेंगे? सो जब तुम्हें जगत का न्याय करना हे, तो क्या तुम छोटे से छोटे झगड़ों का भी निर्णय करने के योग्य नहीं?
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Kaa tum nai janta ki Parmeshwar ke log dunia ke nyaay kari? Aur agar tum dunia ke nyaay karega, to kaa tum chhoṭa chhoṭa jhagṛa ke nyaay nai kare sakta?
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
क्या तुम नहीं जानते कि पवित्र लोग जगत का न्याय करेंगे? इसलिये जब तुम्हें जगत का न्याय करना है, तो क्या तुम छोटे से छोटे झगड़ों का भी निर्णय करने के योग्य नहीं?
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
क्या तुम यह नहीं जानते कि पवित्र लोग जगत का न्याय करेंगे? और यदि तुम्हारे द्वारा जगत का न्याय किया जाना है, तो क्या तुम इन छोटे से छोटे विषयों का न्याय करने के भी योग्य नहीं हो?
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
क्या तुम्हें यह मालूम नहीं कि संसार का न्याय पवित्र लोगों द्वारा किया जाएगा? यदि संसार का न्याय तुम्हारे द्वारा किया जाएगा तो क्या तुम इन छोटे-छोटे झगड़ों को सुलझाने में सक्षम नहीं?
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
क्या तुम नहीं जानते, कि पवित्र लोग जगत का न्याय करेंगे? और जब तुम्हें जगत का न्याय करना है, तो क्या तुम छोटे से छोटे झगड़ों का भी निर्णय करने के योग्य नहीं?