1 Corinthians 7:34 — Compare Translations

10 translations compared side by side

Hindi (Roman Script)
vivaahita aur aavivaahita men bhee bhed haai: avivaahita prabhu kee chinta men rahatee haai, ki vah deh aur atma donon men paavitra ho, parantu vivaahita sansar kee chinta men rahatee haai, ki apane pati ko prasann rakhe.
Hindi 2017 (नया नियम)
विवाहिता और अविवाहिता में भी भेद है: अविवाहिता प्रभु की चिन्‍ता में रहती है, कि वह देह और आत्‍मा दोनों में पवित्र हो, परन्‍तु विवाहिता संसार की चिन्‍ता में रहती है, कि अपने पति को प्रसन्‍न रखे।
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
इस प्रकार उसका व्यक्तित्व बँट जाता है। और ऐसे ही किसी अविवाहित स्त्री या कुँवारी कन्या को जिसे बस प्रभु सम्बन्धी विषयों की ही चिंता रहती है। जिससे वह अपने शरीर और अपनी आत्मा से पवित्र हो सके। किन्तु एक विवाहित स्त्री सांसारिक विषयभोगों में इस प्रकार लिप्त रहती है कि वह अपने पति को रिझाती रह सके।
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
उस में परस्‍पर-विरोधी भावों का संघर्ष है। जिसका पति नहीं रह गया और जो कुआँरी है, वे प्रभु की बातों की चिन्‍ता करती हैं। वे तन और मन से पवित्र होने की कोशिश में लगी रहती हैं। जो विवाहिता है, वह सांसारिक बातों की चिन्‍ता करती है और अपने पति को प्रसन्न करना चाहती है।
Hindi Bible HHBD
विवाहिता और अविवाहिता में भी भेद है: अविवाहिता प्रभु की चिन्ता में रहती है, कि वह देह और आत्मा दोनों में पवित्रा हो, परन्तु विवाहिता संसार की चिन्ता में रहती है, कि अपने पति को प्रसन्न रखे।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Yahi khaatir u dui bagal khichaawe hei. Kuaari aurat aur u aurat log jon ke saadi nai bhais hei, Prabhu ke khusi kare ke waaste chinta kare hei, aur u log aapan deñhi aur dimaag sudh rakkhe hei. Lekin ek saadi suda aurat i dunia ke cheej ke waaste chinta kare hei, kaahe ke u aapan admi ke khusi kare maañge hei.
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
विवाहिता और अविवाहिता में भी भेद है: अविवाहिता प्रभु की चिन्ता में रहती है कि वह देह और आत्मा दोनों में पवित्र हो, परन्तु विवाहिता संसार की चिन्ता में रहती है कि अपने पति को प्रसन्न रखे।
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
और उसका ध्यान बँट जाता है। अविवाहिता या कुँवारी प्रभु की बातों की चिंता करती है, ताकि वह देह और आत्मा दोनों में पवित्र हो। परंतु विवाहिता संसार की बातों की चिंता करती है कि वह अपने पति को कैसे प्रसन्‍न रखे।
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
उसकी रुचियां बंटी रहती हैं. उसी प्रकार पतिहीन तथा कुंवारी स्त्री की रुचियां प्रभु से संबंधित विषयों में सीमित रह सकती हैं—और इसके लिए वह शरीर और आत्मा में पवित्र रहने में प्रयास करती रहती है, किंतु वह स्त्री, जो विवाहित है, संसार संबंधी विषयों का ध्यान रखती है कि वह अपने पति को प्रसन्‍न कैसे करे.
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
विवाहिता और अविवाहिता में भी भेद है: अविवाहिता प्रभु की चिन्ता में रहती है, कि वह देह और आत्मा दोनों में पवित्र हो, परन्तु विवाहिता संसार की चिन्ता में रहती है, कि अपने पति को प्रसन्न रखे।