1 Peter 2:5 — Compare Translations

10 translations compared side by side

Hindi (Roman Script)
tum bhee ap jeevate patthron kee nai aatmaik ghar banate jate ho, jis se yajakon ka pavitra samaj banakar, aeese atmaik balidan chaddhao, jo yeeshu maseeh ke dara parameshvar ko graa ho.
Hindi 2017 (नया नियम)
तुम भी आप जीवते पत्‍थरों के समान आत्‍मिक घर बनते जाते हो, जिससे याजकों का पवित्र समाज बनकर, ऐसे आत्‍मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्‍वर को ग्राह्य हो।
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
तुम भी सजीव पत्थरों के समान एक आध्यात्मिक मन्दिर के रूप में बनाए जा रहे हो ताकि एक ऐसे पवित्र याजकमण्डल के रूप में सेवा कर सको जिसका कर्तव्य ऐसे आध्यात्मिक बलिदान समर्पित करना है जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हों।
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
और जीवन्‍त पत्‍थरों के समान आत्‍मिक भवन में निर्मित हो जाएं। इस प्रकार आप पवित्र पुरोहित-वर्ग बन कर ऐसी आत्‍मिक बलि चढ़ा सकेंगे, जो येशु मसीह द्वारा परमेश्‍वर को स्‍वीकार हो।
Hindi Bible HHBD
तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाई आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्रा समाज बनकर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हो।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Aur ab tum log jinda patthar hei, jon ke Aatmik ghar banaay meñ kaam meñ laawa jaay hei. Tum pawitr paadri log ke ek jhunḍ hei, aur Yeeshu Maseeh ke madat se tum u balidaan chaṛhaao ki Parmeshwar khusi hoy jaay.
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
तुम भी आप जीवते पत्थरों के समान आत्मिक घर बनते जाते हो, जिससे याजकों का पवित्र समाज बनकर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्‍वर को ग्राह्य हैं।
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
तुम भी स्वयं जीवित पत्थरों के समान आत्मिक घर बनते जाते हो कि याजकों का पवित्र समाज बनकर ऐसे आत्मिक बलिदानों को चढ़ाओ जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्‍वर को ग्रहणयोग्य हों।
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
तुम भी जीवित पत्थरों के समान पवित्र पौरोहित्य के लिए एक आत्मिक भवन बनते जा रहे हो कि मसीह येशु के द्वारा परमेश्वर को भानेवाली आत्मिक बलि भेंट करो.
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
तुम भी आप जीविते पत्थरों के समान आत्मिक घर बनते जाते हो, जिससे याजकों का पवित्र समाज बनकर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्रहणयोग्य हो।