1 Peter 3:15 — Compare Translations

10 translations compared side by side

Hindi (Roman Script)
par maseeh ko prabhu janakar apane apane man men paavitra samajho, aur jo koi tum se tumharee asha ke vishay men kuchh poochhe, to use uttr dene ke liye sarvada taaiyar raho, par namrata aur bhy ke sath.
Hindi 2017 (नया नियम)
पर मसीह को प्रभु जानकर अपने-अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्‍हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ;
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
अपने मन में मसीह को प्रभु के रूप में आदर दो। तुम सब जिस विश्वास को रखते हो, उसके विषय में यदि कोई तुमसे पूछे तो उसे उत्तर देने के लिए सदा तैयार रहो।
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
मसीह को प्रभु मानकर उनपर हार्दिक श्रद्धा रखें। जो लोग आपकी आशा के आधार के विषय में आप से प्रश्‍न करते हैं, उन्‍हें विनम्रता तथा आदर के साथ उत्तर देने के लिए सदा तैयार रहें। अपना अन्‍त: करण शुद्ध रखें। इस प्रकार जो लोग आप को बदनाम करते हैं और आपके भले मसीही आचरण की निन्‍दा करते हैं, उन्‍हें लज्‍जित होना पड़ेगा।
Hindi Bible HHBD
पर मसीह को प्रभु जानकर अपने अपने मन में पवित्रा समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Krisṭ ke aadar karo aur uske aapan jeewan ke Prabhu banan deo. Jab koi tumhaar aasha ke baare meñ puuchhi to hardam jawaab dewe ke waaste taiyaar raho.
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
पर मसीह को प्रभु जानकर अपने अपने मन में पवित्र समझो। जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ;
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
पर अपने मन में मसीह को प्रभु जानकर आदर दो; और जो तुम्हारी आशा के विषय में तुमसे कुछ पूछे, उसे नम्रता और आदर के साथ उत्तर देने को हर समय तैयार रहो;
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
मसीह को अपने हृदय में प्रभु के रूप में सम्मान करो. तुम्हारे अंदर बसी हुई आशा के प्रति जिज्ञासु हर एक व्यक्ति को उत्तर देने के लिए हमेशा तैयार रहो
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
पर मसीह को प्रभु जानकर अपने-अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ;