1 Samuel 6:3 — Compare Translations

7 translations compared side by side

Hindi (Roman Script)
ve bole, yadi tum israael ke devata ka sandook vahan bheja, jo use vaaise hee n bhejana usakee hani bhrane ke liye avashy hee doshabaali dena. tab tum change ho jaoge, aur tum jan logon ki usaka hath tum par se kyon naheen uttaya gaya.
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
याजकों और जादूगरों ने उत्तर दिया, “यदि तुम इस्राएल के परमेश्वर के पवित्र सन्दूक को भेजते हो तो, इसे बिना किसी भेंट के न भेजो। तुम्हें इस्राएल के परमेश्वर को भेंटें चढ़ानी चाहिये। जिससे इस्राएल का परमेश्वर तुम्हारे पापों को दूर करेगा। तब तुम स्वस्थ हो जाओगे। तुम पवित्र हो जाओगे। तुम्हें यह इसलिए करना चाहिए जिससे कि परमेश्वर तुम लोगों को दण्ड देना बन्द करे।”
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
उन्‍होंने कहा, ‘यदि तुम इस्राएल के परमेश्‍वर की मंजूषा भेजोगे, तो उसको खाली मत भेजना। तुम्‍हें उसके परमेश्‍वर को दोष-बलि निश्‍चय ही चढ़ानी होगी। तब तुम रोग-मुक्‍त होगे, और तुम्‍हें ज्ञात होगा कि उसका हाथ तुम्‍हारे ऊपर से क्‍यों नहीं हटा था।’
Hindi Bible HHBD
वे बोले, यदि तुम इस्राएल के देवता का सन्दूक वहां भेजा, जो उसे वैसे ही न भेजना; उसकी हानि भरने के लिये अवश्य ही दोषबलि देना। तब तुम चंगे हो जाओगे, और तुम जान लोगों कि उसका हाथ तुम पर से क्यों नहीं उठाया गया।
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
वे बोले, “यदि तुम इस्राएल के देवता का सन्दूक वहाँ भेजो, तो उसे वैसे ही न भेजना; उसकी हानि भरने के लिये अवश्य ही दोषबलि देना। तब तुम चंगे हो जाओगे, और तुम जान लोगे कि उसका हाथ तुम पर से क्यों नहीं उठाया गया।”
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
उनका उत्तर था, “यदि आपने इस्राएल के परमेश्वर के संदूक को लौटा देने का निश्चय कर ही लिया है, तो यह खाली न भेजी जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि यह दोष बलि के साथ लौटाई जाए. यह होने पर ही आप चंगे हो सकेंगे, और आप यह समझ सकेंगे कि क्या कारण था कि ये विपत्तियां आप पर आती रही हैं.”
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
वे बोले, “यदि तुम इस्राएल के देवता का सन्दूक वहाँ भेजो, तो उसे वैसे ही न भेजना; उसकी हानि भरने के लिये अवश्य ही दोषबलि देना। तब तुम चंगे हो जाओगे, और तुम जान लोगे कि उसका हाथ तुम पर से क्यों नहीं उठाया गया।”