2 Corinthians 5:4 — Compare Translations
10 translations compared side by side
Hindi (Roman Script)
aur ham is dere men rahate huae bojh se dabe kaharate rahate haain kyonaki ham utarana nahee, baran aur paahinana chahate haai, taki vah jo maranahar haai jeevan men oob jaae.
Hindi 2017 (नया नियम)
और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कहरते रहते हैं; क्योंकि हम उतारना नहीं, वरन् और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए।
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
हममें से वे जो इस तम्बू यानी भौतिक शरीर में स्थित हैं, बोझ से दबे कराह रहे हैं। कारण यह है कि हम इन वस्त्रों को त्यागना नहीं चाहते बल्कि उनके ही ऊपर उन्हें धारण करना चाहते हैं ताकि जो कुछ नाशवान है, उसे अनन्त जीवन निगल ले।
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
हम इस तम्बू में रहते समय भार से दबते हुए कराहते रहते हैं; क्योंकि बिना पुराना वस्त्र उतारे हम उसके ऊपर नया धारण करना चाहते हैं; जिससे जो मरणशील है, वह अमर जीवन में विलीन हो जाये
Hindi Bible HHBD
और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कहरते रहते हैं; क्योंकि हम उतारना नहीं, बरन और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
I tambu jisman ham abhi rahta hei, ek gaṛhu bojha ke rakam hei, aur ham log kaharta hei. Lekin ham log khali iske i khaatir nai karta ki hamme i mare waala boḍi chhoṛe ke hei. I khaatir karta hei ki kaahe ke ham log i boḍi ke usse badle mañgta hei jon boḍi kabhi nai mari.
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कराहते रहते हैं, क्योंकि हम उतारना नहीं वरन् और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए।
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
वास्तव में इस तंबू में रहते हुए हम बोझ से दबे कराहते हैं, क्योंकि हम निर्वस्त्र होना नहीं बल्कि धारण करना चाहते हैं ताकि जो मरणशील है वह जीवन के द्वारा निगल लिया जाए।
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
सच यह है कि इस घर में रहते हुए हम बोझ में दबे हुए कराहते रहते हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि हम नंगे न रहें परंतु वस्त्र धारण करें कि जो कुछ शारीरिक है, वह जीवन का निवाला बन जाए.
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कराहते रहते हैं; क्योंकि हम उतारना नहीं, वरन् और पहनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए।