Acts 25:16 — Compare Translations

10 translations compared side by side

Hindi (Roman Script)
parantu maain ne un ko uttr diya, ki romiyon kee yah reeati nahee, ki kisee manushy ko dand ke liye saunp de, jab tak muaalaaih ko apane muiyon ke amane samane khde hokar dosh ke uttr dene ka avasar n mile.
Hindi 2017 (नया नियम)
परन्‍तु मैंने उनको उत्तर दिया, कि रोमियों की यह रीति नहीं, कि किसी मनुष्‍य को दण्‍ड के लिये सौंप दें, जब तक मुद्दाअलैह उसे अपने मुद्दइयों के अभियोग लगाने वालों के-सामने खड़े होकर दोष के उत्तर देने का अवसर न मिले।
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
मैंने उनसे कहा, ‘रोमियों में ऐसा चलन नहीं है कि किसी व्यक्ति को, जब तक वादी-प्रतिवादी को आमने-सामने न करा दिया जाये और उस पर लगाये गये अभियोगों से उसे बचाव का अवसर न दे दिया जाये, उसे दण्ड के लिये सौंपा जाये।’
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
मैंने उत्तर दिया, ‘जब तक अभियुक्‍त को अभियोगियों के आमने-सामने न खड़ा किया जाये और उसे अभियोग के विषय में सफ़ाई देने का अवसर न मिले, तब तक अभियुक्‍त को अभियोगियों के हवाले करना रोमियों की प्रथा नहीं है।’
Hindi Bible HHBD
परन्तु मैं ने उन को उत्तर दिया, कि रोमियों की यह रीति नहीं, कि किसी मनुष्य को दण्ड के लिये सौंप दें, जब तक मुस्राअलैह को अपने मु इयों के आमने सामने खड़े होकर दोष के उत्तर देने का अवसर न मिले।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Ham ulog se bataaya ki Romi log ke i reeti nai hei ki saja dewe ke waaste koi aur ke haath saup dia jaay. Sab se pahile uske ulog se aamne saamne mile ke chaahi ki u apne aap ke ulog ke iljaam se bachaay saki.
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
परन्तु मैं ने उनको उत्तर दिया कि रोमियों की यह रीति नहीं कि किसी मनुष्य को दण्ड के लिये सौंप दें, जब तक मुद्दाअलैह को अपने मुद्दइयों के सामने खड़े होकर दोष के उत्तर देने का अवसर न मिले।
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
तब मैंने उन्हें उत्तर दिया कि रोमियों की यह रीति नहीं है कि किसी मनुष्य को पहले ही से दंड के लिए सौंप दें, जब तक कि उस आरोपी को आरोप लगानेवालों के सामने आकर दोष का उत्तर देने का अवसर न मिले।
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
“मैंने उनके सामने रोमी शासन की नीति स्पष्ट करते हुए उनसे कहा कि इस नीति के अंतर्गत दोषी और दोष लगानेवालों के आमने-सामने सवाल जवाब किए बिना तथा दोषी को अपनी सफ़ाई पेश करने का अवसर दिए बिना दंड के लिए सौंप देना सही नहीं है.
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
परन्तु मैंने उनको उत्तर दिया, कि रोमियों की यह रीति नहीं, कि किसी मनुष्य को दण्ड के लिये सौंप दें, जब तक आरोपी को अपने दोष लगाने वालों के सामने खड़े होकर दोष के उत्तर देने का अवसर न मिले।