Esther 8:17 — Compare Translations

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Hindi (Roman Script)
aur jis jis praant, aur jis jis nagar me, jahan kaheen raja kee agyaa aur niyam pahunche, vahan vahan yahoodiyon ko anand aur harsha hua, aur unhon ne jevanar karake us din ko khushaee ka din mana. aur us desh ke logon men se bahut log yahoodee ban gaa, kyonki unake man men yahoodiyon ka dr sama gaya tha.
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
जहाँ कहीं भी किसी प्रांत या किसी भी नगर में राजा का वह आदेश पत्र पहुँचा, यहूदियों में आनन्द और प्रसन्नता की लहर दौड़ गयी। यहूदी भोज दे रहे थे और उत्सव मना रहे थे और दूसरे बहुत से सामान्य लोग यहूदी बन गये। क्योंकि वे यहूदियों से बहुत डरा करते थे, इसीलिए उन्होंने ऐसा किया।
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
सम्राट क्षयर्ष के अधीन हरएक प्रदेश और प्रत्‍येक नगर में जहाँ-जहाँ राजाज्ञा और आदेश-पत्र पहुंचे, यहूदी आनन्‍द और उल्‍लास से भर गए। उन्‍होंने छुट्टी मनाई और खाना-पीना किया। यहूदियों का डर अन्‍य जातियों पर छा गया, अत: देश के अनेक लोगों ने स्‍वयं को यहूदी घोषित कर दिया।
Hindi Bible HHBD
और जिस जिस प्रान्त, और जिस जिस नगर में, जहां कहीं राजा की आज्ञा और नियम पहुंचे, वहां वहां यहूदियों को आनन्द और हर्ष हुआ, और उन्हों ने जेवनार करके उस दिन को खुशी का दिन माना। और उस देश के लोगों में से बहुत लोग यहूदी बन गए, क्योंकि उनके मन में यहूदियों का डर समा गया था।
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
और जिस जिस प्रान्त, और जिस जिस नगर में, जहाँ कहीं राजा की आज्ञा और नियम पहुँचे, वहाँ वहाँ यहूदियों को आनन्द और हर्ष हुआ, और उन्होंने भोज करके उस दिन को खुशी का दिन माना। और उस देश के लोगों में से बहुत लोग यहूदी बन गए, क्योंकि उनके मन में यहूदियों का डर समा गया था।
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
यहीं नहीं, हर एक राज्य के हर एक नगर में जैसे जैसे राजा की राजाज्ञा तथा उसका आदेश चिट्ठियां पहुंच गयी, यहूदियों में हर्ष तथा उल्लास फैलता चला गया, एक उत्सव तथा महोत्सव जैसे. इस अवसर पर जनसाधारण पर यहूदियों का आतंक ऐसा गहन हो गया कि राज्यों में अनेकों ने यहूदी मत अंगीकार कर लिया.
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
और जिस-जिस प्रान्त, और जिस-जिस नगर में, जहाँ कहीं राजा की आज्ञा और नियम पहुँचे, वहाँ-वहाँ यहूदियों को आनन्द और हर्ष हुआ, और उन्होंने भोज करके उस दिन को खुशी का दिन माना। और उस देश के लोगों में से बहुत लोग यहूदी बन गए, क्योंकि उनके मन में यहूदियों का डर समा गया था।