Ezekiel 33:12 — Compare Translations
7 translations compared side by side
Hindi (Roman Script)
aur he manushy ke santan, apane logon se yah kah, jab dhama jan aparadha kare tab usaka dharma use bacha n sakega aur dushtt kee dushttta bhee jo ho, jab vah us se fir jaa, to usake karan vah n girega aur dhama jan jab vah pap kare, tab apane dharma ke karan jeevit n rahega.
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
“मनुष्य के पुत्र, अपने लोगों से कहो: ‘यदि किसी व्यक्ति ने अतीत में पुण्य किया है तो उससे उसका जीवन नहीं बचेगा। यदि वह बच जाये और पाप करना शुरु करे। यदि किसी व्यक्ति ने अतीत में पाप किया, तो वह नष्ट नहीं किया जाएगा, यदि वह पाप से दूर हट जाता है। अत: याद रखो, एक व्यक्ति द्वारा अतीत में किये गए पुण्य कर्म उसकी रक्षा नहीं करेंगे, यदि वह पाप करना आरम्भ करता है।’
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
‘ओ मानव, तू अपने जाति-भाई-बहिनों से बोल: जब कोई धार्मिक मनुष्य अपराध करता है तब उसकी धार्मिकता उसको अपराध के दण्ड से नहीं बचा सकती। यदि दुर्जन अपना बुरा आचरण छोड़ दे तो वह निस्सन्देह पाप के दण्ड से बचेगा। यदि धार्मिक मनुष्य पाप करे तो उसकी धार्मिकता उसको मरने से नहीं बचा सकेगी।
Hindi Bible HHBD
और हे मनुष्य के सन्तान, अपने लोगों से यह कह, जब धम जन अपराध करे तब उसका धर्म उसे बचा न सकेगा; और दुष्ट की दुष्टता भी जो हो, जब वह उस से फिर जाए, तो उसके कारण वह न गिरेगा; और धम जन जब वह पाप करे, तब अपने धर्म के कारण जीवित न रहेगा।
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
हे मनुष्य के सन्तान, अपने लोगों से यह कह, जब धर्मी जन अपराध करे तब उसका धर्म उसे बचा न सकेगा, और दुष्ट की दुष्टता भी जो हो, जब वह उस से फिर जाए, तो उसके कारण वह न गिरेगा; और धर्मी जन, यदि वह पाप करे, तब अपने धर्म के कारण जीवित न रहेगा।
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
“इसलिये, हे मनुष्य के पुत्र, अपने लोगों से कहो, ‘यदि कोई धर्मी व्यक्ति आज्ञा नहीं मानता है, तो उसके पहले के धर्मीपन का कोई मतलब नहीं होगा. और यदि कोई दुष्ट व्यक्ति पश्चात्ताप करता है, तो उस व्यक्ति के पहले की दुष्टता के कारण उसे दंड नहीं मिलेगा. जो धर्मी व्यक्ति पाप करता है, वह जीवित नहीं रहेगा, यद्यपि वह पहले धर्मी था.’
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
हे मनुष्य के सन्तान, अपने लोगों से यह कह, जब धर्मी जन अपराध करे तब उसकी धार्मिकता उसे बचा न सकेगी; और दुष्ट की दुष्टता भी जो हो, जब वह उससे फिर जाए, तो उसके कारण वह न गिरेगा; और धर्मी जन जब वह पाप करे, तब अपनी धार्मिकता के कारण जीवित न रहेगा।