Ezekiel 42:14 — Compare Translations

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Hindi (Roman Script)
jab jab yajak log bheetar jaaenge, tab tab nikalane ke samay ve pavitrasthan se baharee angan men yon hee n nikalenge, arthata ve pahile apanee seva tthal ke vasr pavitrasthan men rakh denge kyonaki ye kottariyan paavitra haain. tab ve aur vasr pahinakar sadhaaran logon ke sthan men jaaenge.
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
याजक पवित्र—क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। किन्तु बाहरी आँगन में जाने के पहले वे अपने सेवा वस्त्र पवित्र स्थान में रख देंगे। क्यों क्योंकि ये वस्त्र पवित्र है। यदि याजक चाहता है कि वह मन्दिर के उस भाग में जाए जहाँ अन्य लोग हैं तो उसे उन कमरों में जाना चाहिए और अन्य वस्त्र पहन लेना चाहिए।”
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
‘पवित्र स्‍थान से निकलकर पुरोहित सीधे बाहर आंगन में नहीं जाएंगे। पहले वे यहां अपने उन वस्‍त्रों को उतारेंगे, जिन्‍हें पहिन कर उन्‍होंने पुरोहित का सेवा-कार्य किया था। पुरोहित के ये वस्‍त्र पवित्र हैं। जन-साधारण के लिए नियुक्‍त स्‍थान में जाने के पूर्व पुरोहित अपने पवित्र वस्‍त्र उतार कर दुसरे वस्‍त्र पहिन लेंगे।’
Hindi Bible HHBD
जब जब याजक लोग भीतर जाएंगे, तब तब निकलने के समय वे पवित्रास्थान से बाहरी आंगन में यों ही न निकलेंगे, अर्थात् वे पहिले अपनी सेवा टहल के वस्त्रा पवित्रास्थान में रख देंगे; क्योंकि ये कोठरियां पवित्रा हैं। तब वे और वस्त्रा पहिनकर साधारण लोगों के स्थान में जाएंगे।
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
जब जब याजक लोग भीतर जाएँगे, तब तब निकलने के समय वे पवित्रस्थान से बाहरी आँगन में यों ही न निकलेंगे, अर्थात् वे पहले अपनी सेवा टहल के वस्त्र पवित्रस्थान में रख देंगे; क्योंकि ये कोठरियाँ पवित्र हैं। तब वे दूसरे वस्त्र पहिनकर साधारण लोगों के स्थान में जाएँगे।”
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
जब कभी पुरोहित पवित्र जगह में जाएं, वे तब तक बाहरी आंगन में न जाएं, जब तक कि वे उन कपड़ों को उतारकर पवित्र स्थान में रख न दें, जिन्हें पहनकर वे सेवा करते हैं, क्योंकि वे कपड़े पवित्र हैं. साधारण लोगों के लिये ठहराए जगहों में जाने से पहले पुरोहित दूसरे कपड़े पहन लें.”
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
जब जब याजक लोग भीतर जाएँगे, तब-तब निकलने के समय वे पवित्रस्थान से बाहरी आँगन में ऐसे ही न निकलेंगे, अर्थात् वे पहले अपनी सेवा टहल के वस्त्र पवित्रस्थान में रख देंगे; क्योंकि ये कोठरियाँ पवित्र हैं। तब वे दूसरे वस्त्र पहनकर साधारण लोगों के स्थान में जाएँगे।”