Galatians 3:10 — Compare Translations

10 translations compared side by side

Hindi (Roman Script)
so jitane log vyavastha ke kamon par bhrosa rakhte haai, ve sab srap ke adhaeen haai, kyonki likha haai, ki jo koi vyavastha kee pustak men likhee hui sab baton ke karane men sthiar naheen rahata, vah sraapit haai.
Hindi 2017 (नया नियम)
सो जितने लोग व्‍यवस्‍था के कामों पर भरोसा रखते हैं, वे सब स्राप के आधीन हैं, क्‍योंकि लिखा है, “जो कोई व्‍यवस्‍था की पुस्‍तक में लिखी हुई सब बातों के करने में स्‍थिर नहीं रहता, वह स्‍त्रापित है।”
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
किन्तु वे सभी लोग जो व्यवस्था के विधानों के पालन पर निर्भर रहते हैं, वे तो किसी अभिशाप के अधीन हैं। शास्त्र में लिखा है: “ऐसा हर व्यक्ति शापित है जो व्यवस्था के विधान की पुस्तक में लिखी हर बात का लगन के साथ पालन नहीं करता।”
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
परन्‍तु जो व्‍यवस्‍था के कर्मकाण्‍ड पर निर्भर रहते हैं, वे शाप के अधीन हैं; क्‍योंकि लिखा है: “जो व्यक्‍ति व्‍यवस्‍था-ग्रन्‍थ में लिखी हुई सभी बातों का पालन नहीं करता रहता है, वह शापित है।”
Hindi Bible HHBD
सो जितने लोग व्यवस्था के कामों पर भरोसा रखते हैं, वे सब स्त्राप के आधीन हैं, क्योंकि लिखा है, कि जो कोई व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातों के करने में स्थिर नहीं रहता, वह स्त्रापित है।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Jon koi bhi kaanuun maan ke Parmeshwar ke khusi kare maañge hei, u saraap ke nichche daba rahi. Baaibal bole hei, “Jon koi u sab nai maane hei jon kaanuun ke buk meñ hei, uske saraap lagi.”
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
इसलिये जितने लोग व्यवस्था के कामों पर भरोसा रखते हैं, वे सब शाप के अधीन हैं, क्योंकि लिखा है, “जो कोई व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातों के करने में स्थिर नहीं रहता, वह शापित है।”
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
परंतु जितने व्यवस्था के कार्यों पर निर्भर रहते हैं, वे शाप के अधीन हैं, क्योंकि लिखा है: शापित है वह जो व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातों का पालन नहीं करता।
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
वे, जो व्यवस्था के कार्यों पर निर्भर हैं, शापित हैं क्योंकि पवित्र शास्त्र का वर्णन है: “शापित है वह, जो व्यवस्था के हर एक नियम का पालन नहीं करता.”
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
अतः जितने लोग व्यवस्था के कामों पर भरोसा रखते हैं, वे सब श्राप के अधीन हैं, क्योंकि लिखा है, “जो कोई व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातों के करने में स्थिर नहीं रहता, वह श्रापित है।”