Galatians 3:21 — Compare Translations

10 translations compared side by side

Hindi (Roman Script)
to kya vyavastha parameshvar kee pratigyaaon ke virodha men haai? kadapi n ho? kyonaki yadi aeesee vyavastha dee jatee jo jeevan de sakatee, to sachamuch dhaarmikata vyavastha se hotee.
Hindi 2017 (नया नियम)
तो क्‍या व्‍यवस्‍था परमेश्‍वर की प्रतिज्ञाओं के विरोध में है? कदापि नहीं? क्‍योंकि यदि ऐसी व्‍यवस्‍था दी जाती जो जीवन दे सकती, तो सचमुच धार्मिकता व्‍यवस्‍था से होती।
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
क्या इसका यह अर्थ है कि व्यवस्था का विधान परमेश्वर के वचन का विरोधी है? निश्चित रूप से नहीं। क्योंकि यदि ऐसी व्यवस्था का विधान दिया गया होता जो लोगों में जीवन का संचार कर सकता तो वह व्यवस्था का विधान ही परमेश्वर के सामने धार्मिकता को सिद्ध करने का साधन बन जाता।
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
तो क्‍या व्‍यवस्‍था और परमेश्‍वर की प्रतिज्ञाओं में विरोध है? कभी नहीं! यदि ऐसी व्‍यवस्‍था की घोषणा हुई होती, जो जीवन प्रदान करने में समर्थ थी, तो व्‍यवस्‍था के पालन द्वारा ही मनुष्‍य धार्मिक ठहरता।
Hindi Bible HHBD
तो क्या व्यवस्था परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के विरोध में है? कदापि न हो? क्योंकि यदि ऐसी व्यवस्था दी जाती जो जीवन दे सकती, तो सचमुच धार्मिकता व्यवस्था से होती।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Kaa kaanuun Parmeshwar ke waada se agri nai hoy hei? Nai, kabhi nai! Agar koi kaanuun ham log ke jeewan de sake hei, kaanuun ke maane se Parmeshwar ham log ke apnaay lei.
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
तो क्या व्यवस्था परमेश्‍वर की प्रतिज्ञाओं के विरोध में है? कदापि नहीं! क्योंकि यदि ऐसी व्यवस्था दी जाती जो जीवन दे सकती, तो सचमुच धार्मिकता व्यवस्था से होती।
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
तो क्या व्यवस्था परमेश्‍वर की प्रतिज्ञाओं के विरुद्ध है? कदापि नहीं! क्योंकि यदि ऐसी व्यवस्था दी गई होती जो जीवन प्रदान कर सकती थी तो वास्तव में धार्मिकता व्यवस्था से होती।
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
तो क्या व्यवस्था परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के विपरीत है? बिलकुल नहीं! यदि कोई ऐसी व्यवस्था दी गई होती, जो जीवन प्रदान कर सकती थी, तब निश्चयतः उस व्यवस्था के पालन करने पर धार्मिकता प्राप्‍त हो जाती.
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
तो क्या व्यवस्था परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के विरोध में है? कदापि नहीं! क्योंकि यदि ऐसी व्यवस्था दी जाती जो जीवन दे सकती, तो सचमुच धार्मिकता व्यवस्था से होती।