Hebrews 7:11 — Compare Translations
10 translations compared side by side
Hindi (Roman Script)
tak yaadi leveey yajak pad ke dara siddh iho sakatee haai jis ke sahare se logon ko vyavastha milee thee to fir kya avashyakata thee, ki doosara yajak malikisidak kee reeati par khda ho, aur haroon kee reeati ka n kahalaae?
Hindi 2017 (नया नियम)
तब यदि लेवीय याजक पद के द्वारा सिद्धि हो सकती है (जिस के सहारे से लोगों को व्यवस्था मिली थी) तो फिर क्या आवश्यकता थी, कि दूसरा याजक मलिकिसिदक की रीति पर खड़ा हो, और हारून की रीति का न कहलाए?
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
यदि लेवी सम्बन्धी याजकता के द्वारा सम्पूर्णता प्राप्त की जा सकती क्योंकि इसी के आधार पर लोगों को व्यवस्था का विधान दिया गया था। तो किसी दूसरे याजक के आने की आवश्यकता ही क्या थी? एक ऐसे याजक की जो मिलिकिसिदक की परम्परा का हो, न कि औरों की परम्परा का।
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
इस्राएली प्रजा को लेवियों के पुरोहितत्व के आधार पर व्यवस्था मिली थी। यदि इस पुरोहितत्व के माध्यम से पूर्णता प्राप्त हो सकती थी, तो यह क्यों आवश्यक था कि एक अन्य पुरोहित की चर्चा की जाये जो हारून की नहीं, बल्कि मलकीसेदेक की श्रेणी में आ जायेगा?
Hindi Bible HHBD
तक यदि लेवीय याजक पद के द्वारा सिद्धि हो सकती है (जिस के सहारे से लोगों को व्यवस्था मिली थी) तो फिर क्या आवश्यकता थी, कि दूसरा याजक मलिकिसिदक की रीति पर खड़ा हो, और हारून की रीति का न कहलाए?
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Jab ki Maozas ke kaanuun bataawe hei ki sab paadri log ke Levi ke santaan hoy ke chaahi, fir bhi u paadri log koi ke pefekṭ nai banaay sake hei. To Malikisidak ke rakam paadri hoy ke chaahi, Eran ke reeti ke rakam palwaar nai.
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
यदि लेवीय याजक पद के द्वारा सिद्धि प्राप्त हो सकती (जिसके सहारे लोगों को व्यवस्था मिली थी) तो फिर क्या आवश्यकता थी कि दूसरा याजक मलिकिसिदक की रीति पर खड़ा हो, और हारून की रीति का न कहलाए?
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
अब यदि सिद्धता लेवीय याजक पद के द्वारा प्राप्त होती (क्योंकि इसी आधार पर लोगों को व्यवस्था प्राप्त हुई थी), तो फिर किसी दूसरे याजक के खड़े होने की क्या आवश्यकता थी जो हारून की रीति के अनुसार न होकर मलिकिसिदक की रीति के अनुसार हो?
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
अब यदि सिद्धि (या पूर्णता) लेवी याजकता के माध्यम से प्राप्त हुई—क्योंकि इसी के आधार पर लोगों ने व्यवस्था प्राप्त की थी—तब एक ऐसे पुरोहित की क्या ज़रूरत थी, जिसका आगमन मेलखीज़ेदेक की श्रृंखला में हो, न कि हारोन की श्रृंखला में?
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
तब यदि लेवीय याजकपद के द्वारा सिद्धि हो सकती है (जिसके सहारे से लोगों को व्यवस्था मिली थी) तो फिर क्या आवश्यकता थी, कि दूसरा याजक मलिकिसिदक की रीति पर खड़ा हो, और हारून की रीति का न कहलाए?