Isaiah 9:17 — Compare Translations

7 translations compared side by side

Hindi (Roman Script)
is karan prabhu n to inake javanon se prasann hoga, aur n inake anath balakon aur vidhavaon par daya karega kyonki har aek ke mukh se moorkhta kee baten nikalatee haain. itane par bhee usaka krodha shaant naheen hua aur usaka hath ab tak baddha hua haai..
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
ये सभी लोग दुष्ट हैं। इसलिये यहोवा इन युवकों से प्रसन्न नहीं है। यहोवा उनकी विधवाओं और उनके अनाथ बच्चों पर दया नहीं करेगा। क्यों क्योंकि ये सभी लोग दुष्ट हैं। ये लोग ऐसे काम करते हैं जो परमेश्वर के विरुद्ध हैं। ये लोग झूठ बोलते हैं। सो परमेश्वर इन लोगों के प्रति कुपित बना रहेगा और उन्हें दण्ड देता रहेगा।
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
अत: स्‍वामी इन लोगों के नवयुवकों से प्रसन्न नहीं है, और न वह उनके अनाथ बच्‍चों पर, और न उनकी विधवा स्‍त्रियों पर दया करता है। ये सब भक्‍तिहीन और कुकर्मी हैं; हर आदमी मूर्खतापूर्ण बातें करता है। प्रभु का क्रोध इस विनाश के बाद भी शान्‍त नहीं होगा; विनाश के लिए उसका हाथ अब तक उठा हुआ है।
Hindi Bible HHBD
इस कारण प्रभु न तो इनके जवानों से प्रसन्न होगा, और न इनके अनाथ बालकों और विधवाओं पर दया करेगा; क्योंकि हर एक के मुख से मूर्खता की बातें निकलती हैं। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
इस कारण प्रभु न तो इनके जवानों से प्रसन्न होगा, और न इनके अनाथ बालकों और विधवाओं पर दया करेगा; क्योंकि हर एक भक्‍तिहीन और कुकर्मी है, और हर एक के मुख से मूर्खता की बातें निकलती हैं। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
इसलिये प्रभु उनके जवानों से खुश नहीं थे, और उनके अनाथ और विधवाओं पर कोई दया नहीं करता, क्योंकि सब श्रद्धाहीन और कुकर्मी थे, उनमें सब की बातें मूर्खता की होती थी. इतना सब होने पर भी उनका क्रोध शांत न हुआ, और उनका हाथ उठा रहा.
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
इस कारण प्रभु न तो इनके जवानों से प्रसन्न होगा, और न इनके अनाथ बालकों और विधवाओं पर दया करेगा; क्योंकि हर एक भक्तिहीन और कुकर्मी है, और हर एक के मुख से मूर्खता की बातें निकलती हैं। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।