John 10:18 — Compare Translations

10 translations compared side by side

Hindi (Roman Script)
koi use mujh se chheenata nahee, baran maain use ap hee deta hoon: mujhe usake dene ka adhaikar haai, aur use fir lene ka bhee aadhaikar haai: yah agyaa mere pita se mujhe milee haai..
Hindi 2017 (नया नियम)
कोई उसे मुझ से छीनता नहीं, वरन मैं उसे आप ही देता हूँ: मुझे उसके देने का अधिकार है, और उसे फिर लेने का भी अधिकार है: यह आज्ञा मेरे पिता से मुझे मिली है।
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
बल्कि मैं अपने आप अपनी इच्छा से इसे देता हूँ। मुझे इसे देने का अधिकार है। यह आदेश मुझे मेरे परम पिता से मिला है।”
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
कोई मुझ से मेरा प्राण नहीं छीन सकता; मैं स्‍वयं उसे अर्पित करता हूँ। मुझे अपना प्राण अर्पित करने और उसे फिर प्राप्‍त करने का अधिकार है। मुझे अपने पिता की ओर से यह आदेश मिला है।”
Hindi Bible HHBD
कोई उसे मुझ से छीनता नहीं, बरन मैं उसे आप ही देता हूं: मुझे उसके देने का अधिकार है, और उसे फिर लेने का भी अधिकार है: यह आज्ञा मेरे पिता से मुझे मिली है।।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Hamaar laaif ke ham se koi nai chheene sake hei, lekin ham apne uske khusi se deta hei. Hamme aapan laaif dewe ke adhikaar hei, i bhi adhikaar hei ki uske fir se lauṭaay lei. Aur yahi hei jon hamaar Pita hamme hukum dees hei.”
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
कोई उसे मुझ से छीनता नहीं, वरन् मैं उसे आप ही देता हूँ। मुझे उसके देने का भी अधिकार है, और उसे फिर ले लेने का भी अधिकार है: यह आज्ञा मेरे पिता से मुझे मिली है।”
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
कोई उसे मुझसे नहीं छीनता, बल्कि मैं अपने आप ही उसे देता हूँ। मेरे पास उसे देने का अधिकार है और उसे फिर लेने का भी अधिकार है। यह आज्ञा मुझे अपने पिता से मिली है।”
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
कोई भी मुझसे मेरे प्राण छीन नहीं रहा—मैं अपने प्राण अपनी इच्छा से भेंट कर रहा हूं. मुझे अपने प्राण भेंट करने और उसे दोबारा प्राप्‍त करने का अधिकार है, जो मुझे अपने पिता की ओर से प्राप्‍त हुआ है.”
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
कोई उसे मुझसे छीनता नहीं#10:18 कोई उसे मुझसे छीनता नहीं: यह कि, कोई भी बल द्वारा इसे ले नहीं सकता, या जब तक कि मैं अपने आपको उसके हाथों में सौंप दूँ। कोई उसे मुझसे छीनता नहीं, वरन् मैं उसे आप ही देता हूँ। मुझे उसके देने का अधिकार है, और उसे फिर लेने का भी अधिकार है। यह आज्ञा मेरे पिता से मुझे मिली है।”