Luke 18:1 — Compare Translations

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Hindi (Roman Script)
fir us ne is ke vishay men ki nity praarthna karana aur hiyav n chhodna chaahiae un se yah drashttant kaha.
Hindi 2017 (नया नियम)
फिर उसने इसके विषय में कि नित्‍य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उनसे यह दृष्‍टान्‍त कहा:
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
फिर उसने उन्हें यह बताने के लिए कि वे निरन्तर प्रार्थना करते रहें और निराश न हों, यह दृष्टान्त कथा सुनाई:
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
येशु ने शिष्‍यों को यह बतलाने के लिए कि उन्‍हें सदा प्रार्थना करना चाहिए, और निराश नहीं होना चाहिए, एक दृष्‍टान्‍त सुनाया।
Hindi Bible HHBD
फिर उस ने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्टान्त कहा।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Yeeshu aapan chela log ke ek kahaani bataais ki keise ulog hardam bina niraas hoy, preya karte rahin,
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
फिर उसने इसके विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए, उनसे यह दृष्‍टान्त कहा:
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
फिर यीशु ने उनसे इस विषय में कि सदा प्रार्थना करना और निराश न होना कितना आवश्यक है, एक दृष्‍टांत कहा:
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
तब प्रभु येशु ने शिष्यों को यह समझाने के उद्देश्य से कि निराश हुए बिना निरंतर प्रार्थना करते रहना ही सही है, यह दृष्टांत प्रस्तुत किया.
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
फिर उसने इसके विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और साहस नहीं छोड़ना चाहिए उनसे यह दृष्टान्त कहा: