Mark 10:17 — Compare Translations
10 translations compared side by side
Hindi (Roman Script)
aur jab vah nikalakar marga men jata tha, to aek manushy usake pas daudta hua aya, aur usake age ghauttne ttekakar us se poochha? he uttm guro, anant jeevan ka adhaikaree hone ke liye maain kyan karoon?
Hindi 2017 (नया नियम)
और जब वह निकलकर मार्ग में जाता था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उससे पूछा, “हे उत्तम गुरू, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्यां करूं?”
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
यीशु जैसे ही अपनी यात्रा पर निकला, एक व्यक्ति उसकी ओर दौड़ा और उसके सामने झुक कर उसने पूछा, “उत्तम गुरु, अनन्त जीवन का अधिकार पाने के लिये मुझे क्या करना चाहिये?”
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
येशु यात्रा पर निकल ही रहे थे कि एक व्यक्ति दौड़ता हुआ आया और उनके सामने घुटने टेक कर उसने यह पूछा, “भले गुरु! शाश्वत जीवन का उत्तराधिकारी बनने के लिए मुझे क्या करना चाहिए?”
Hindi Bible HHBD
और जब वह निकलकर मार्ग में जाता था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उस से पूछा? हे उत्तम गुरू, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्यां करूं?
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Jab Yeeshu rasta pe jaawat raha, tab ek admi dauṛ ke aais aur ghuṭna ṭek ke usse puuchhis, “He achchha guru, anant jeewan paay ke waaste ham kaa kari?”
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
जब वह वहाँ से निकलकर मार्ग में जा रहा था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उससे पूछा, “हे उत्तम गुरु, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्या करूँ?”
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
जब वह मार्ग में जा रहा था तो एक व्यक्ति दौड़ता हुआ आया और उसके सामने घुटने टेककर पूछने लगा, “हे उत्तम गुरु! अनंत जीवन का उत्तराधिकारी होने के लिए मैं क्या करूँ?”
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
मसीह येशु अपनी यात्रा प्रारंभ कर ही रहे थे कि एक व्यक्ति उनके पास दौड़ता हुआ आया और उनके सामने घुटने टेकते हुए उनसे पूछने लगा, “उत्तम गुरु, अनंत काल का जीवन प्राप्त करने के लिए मैं क्या करूं?”
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
और जब वह निकलकर मार्ग में जाता था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उससे पूछा, “हे उत्तम गुरु, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्या करूँ?”