Matthew 13:52 — Compare Translations
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Hindi (Roman Script)
unhon ne us se kaha, han us ne un se kaha, isaaliye har ek shaasree jo svarga ke rajy ka chela bana haai, us grahasth ke saman haai jo apane bhndar se nai aur puranee vastuen nikalata haai..
Hindi 2017 (नया नियम)
उसने उनसे कहा, “इसलिये हर एक शास्त्री जो स्वर्ग के राज्य का चेला बना है, उस गृहस्थ के समान है जो अपने भण्डार से नई और पुरानी वस्तुएँ निकालता है।”
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
यीशु ने अपने शिष्यों से कहा, “देखो, इसीलिये हर धर्मशास्त्री जो परमेश्वर के राज्य को जानता है, एक ऐसे गृहस्वामी के समान है, जो अपने कठोर से नई-पुरानी वस्तुओं को बाहर निकालता है।”
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
येशु ने उन से कहा, “इस कारण प्रत्येक शास्त्री, जो स्वर्ग के राज्य के विषय में शिक्षा पा चुका है, उस गृहस्थ के सदृश है, जो अपने भंडार से नयी और पुरानी वस्तुएँ निकालता है।”
Hindi Bible HHBD
उन्हों ने उस से कहा, हां; उस ने उन से कहा, इसलिये हर एक शास्त्री जो स्वर्ग के राज्य का चेला बना है, उस गृहस्थ के समान है जो अपने भण्डार से नई और पुरानी वस्तुएं निकालता है।।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Yeeshu ulog se bolis, “Jon koi bhi i dharam ke buk paṛhe hei, aur swarag ke raaj ke chela ban jaay hei, u maalik ke rakam hei jon aapan godaam meñ se nawa aur puraana khajaana nikaare hei.
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
उसने उनसे कहा, “इसलिये हर एक शास्त्री जो स्वर्ग के राज्य का चेला बना है, उस गृहस्थ के समान है जो अपने भण्डार से नई और पुरानी वस्तुएँ निकालता है।”
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
तब उसने उनसे कहा, “इस कारण प्रत्येक शास्त्री जो स्वर्ग के राज्य का शिष्य बना है, ऐसे मनुष्य के समान है जो घर का स्वामी है और अपने भंडार से नई और पुरानी वस्तुएँ निकालता है।”
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
येशु ने उनसे कहा, “यही कारण है कि व्यवस्था का हर एक शिक्षक, जो स्वर्ग-राज्य के विषय में प्रशिक्षित किया जा चुका है, परिवार के प्रधान के समान है, जो अपने भंडार से नई और पुरानी हर एक वस्तु को निकाल लाता है.”
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
फिर यीशु ने उनसे कहा, “इसलिए हर एक शास्त्री जो स्वर्ग के राज्य का चेला बना है, उस गृहस्थ के समान है जो अपने भण्डार से नई और पुरानी वस्तुएँ निकालता है।”