Matthew 27:19 — Compare Translations
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Hindi (Roman Script)
jab vah nyay kee gaee par baaitta hua tha to us kee patnee ne use kahala bheja, ki too us dharmee ke mamale men hath n dalana kyonki maain ne aj svapn men usake karan bahut dukh uttaya haai.
Hindi 2017 (नया नियम)
जब वह न्याय की गद्दी पर बैठा हुआ था तो उसकी पत्नी ने उसे कहला भेजा, “तू उस धर्मी के मामले में हाथ न डालना; क्योंकि मैं ने आज स्वप्न में उसके कारण बहुत दु:ख उठाया है।”
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
पिलातुस जब न्याय के आसन पर बैठा था तो उसकी पत्नी ने उसके पास एक संदेश भेजा, “उस सीधे सच्चे मनुष्य के साथ कुछ मत कर बैठना। मैंने उसके बारे में एक सपना देखा है जिससे आज सारे दिन मैं बेचैन रही।”
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
इसके अतिरिक्त जब पिलातुस न्यायासन पर बैठा हुआ था, तब उसकी पत्नी ने यह संदेश भेजा था, “इस धर्मात्मा के मामले में हाथ नहीं डालना, क्योंकि इसी के कारण मुझे आज स्वप्न में बहुत कष्ट हुआ है।”
Hindi Bible HHBD
जब वह न्याय की गद्दी पर बैठा हुआ था तो उस की पत्नी ने उसे कहला भेजा, कि तू उस धर्मी के मामले में हाथ न डालना; क्योंकि मैं ने आज स्वप्न में उसके कारण बहुत दुख उठाया है।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Aur jab u nyaay ke kursi pe beiṭha tab uske aurat uske khabar bhejwaais, “I nirdos admi ke maamla meñ kuchh nai karna. Ham sapna meñ uske kaaran bahut dukh uṭhaaya.”
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
जब वह न्याय की गद्दी पर बैठा हुआ था तो उसकी पत्नी ने उसे कहला भेजा, “तू उस धर्मी के मामले में हाथ न डालना, क्योंकि मैं ने आज स्वप्न में उसके कारण बहुत दु:ख उठाया है। ”
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
जब वह न्यायासन पर बैठा था, तो उसकी पत्नी ने उसके पास यह कहला भेजा, “तू उस धर्मी जन के साथ कुछ न कर, क्योंकि आज उसके कारण मैंने स्वप्न में बहुत दुःख उठाया है।”
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
जब पिलातॉस न्यायासन पर बैठा था, उसकी पत्नी ने उसे यह संदेश भेजा, “उस धर्मी व्यक्ति को कुछ न करना क्योंकि पिछली रात मुझे स्वप्न में उसके कारण घोर पीड़ा हुई है.”
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
जब वह न्याय की गद्दी पर बैठा हुआ था तो उसकी पत्नी ने उसे कहला भेजा, “तू उस धर्मी के मामले में हाथ न डालना; क्योंकि मैंने आज स्वप्न में उसके कारण बहुत दुःख उठाया है।”