Numbers 6:21 — Compare Translations

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Hindi (Roman Script)
najaeer kee mannat kee, aur jo chaddhava usako apane nyare hone ke karan yahova ke liye chaddhana hoga usakee bhee yahee vyavastha haai. jo chaddhava vah apanee poonjee ke anusar chaddha sake, us se adhaik jaaisee mannat us ne manee ho, vaaise hee apane nyare rahane kee vyavastha ke anusar use karana hoga..
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
“यह नियम उन व्यक्तियों के लिए है जो नाजीर होने का वचन लेते हैं। उस व्यक्ति को यहोवा को ये सभी भेंट देनी चाहिए यदि कोई व्यक्ति अधिक देने का वचन देता है तो उसे अपने वचन का पालन करना चाहिए। लेकिन उसे कम से कम वह सभी चीज़े देनी चाहिए जो नाज़ीर के नियम में लिखी हैं।”
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
‘जो समर्पण-व्रत लेता है, उस व्रतधारी की यही व्‍यवस्‍था है। अपनी आर्थिक स्‍थिति के अनुसार जो चढ़ावा वह प्रभु को चढ़ा सकता है, उसके अतिरिक्‍त वह समर्पण-व्रत सम्‍बन्‍धी चढ़ावे भी चढ़ाएगा। जो व्रत वह लेता है, उसके अनुसार अपने समर्पण-व्रत की व्‍यवस्‍था के अनुरूप वह कार्य करेगा।’
Hindi Bible HHBD
नाज़ीर की मन्नत की, और जो चढ़ावा उसको अपने न्यारे होने के कारण यहोवा के लिये चढ़ाना होगा उसकी भी यही व्यवस्था है। जो चढ़ावा वह अपनी पूंजी के अनुसार चढ़ा सके, उस से अधिक जैसी मन्नत उस ने मानी हो, वैसे ही अपने न्यारे रहने की व्यवस्था के अनुसार उसे करना होगा।।
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
“नाज़ीर की मन्नत की, और जो चढ़ावा उसको अपने न्यारे होने के कारण यहोवा के लिये चढ़ाना होगा उसकी भी यही व्यवस्था है। जो चढ़ावा वह अपनी पूंजी के अनुसार चढ़ा सके, उससे अधिक जैसी मन्नत उसने मानी हो, वैसे ही अपने न्यारे रहने की व्यवस्था के अनुसार उसे करना होगा।”
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
“ ‘यही है उस नाज़ीर से संबंधित विधि, उसके अलावा, जो कुछ उसके लिए संभव है! जो अपने अलग रहने के द्वारा याहवेह के सामने संकल्प लेता है, उसने जो कुछ संकल्प किया है, उसे वह अपने अलग रहने की विधि के अनुसार अवश्य पूरी करे.’ ”
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
“नाज़ीर की मन्नत की, और जो चढ़ावा उसको अपने अलग होने के कारण यहोवा के लिये चढ़ाना होगा उसकी भी यही व्यवस्था है। जो चढ़ावा वह अपनी पूँजी के अनुसार चढ़ा सके, उससे अधिक जैसी मन्नत उसने मानी हो, वैसे ही अपने अलग रहने की व्यवस्था के अनुसार उसे करना होगा।”