Revelation 9:5 — Compare Translations

10 translations compared side by side

Hindi (Roman Script)
aur unhen mar dalate ka to nahee, par panch maheene tak logon ko peeda dene ka aadhaikar diya gaya: aur un kee peeda aeesee thee, jaaise bichchoo ke dnk marane se manushy ko hotee haai.
Hindi 2017 (नया नियम)
और उन्‍हें लोगों को मार डालने का तो नहीं, पर पाँच महीने तक लोगों को पीड़ा देने का अधिकार दिया गया: और उनकी पीड़ा ऐसी थी, जैसे बिच्‍छू के डंक मारने से मनुष्‍य को होती है।
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
टिड्डी दल को निर्देश दे दिया गया था कि वे लोगों के प्राण न लें बल्कि पाँच महीने तक उन्हें पीड़ा पहुँचाते रहें। वह पीड़ा जो उन्हें पहुँचाई जा रही थी, वैसी थी जैसे किसी व्यक्ति को बिच्छू के काटने से होती है।
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
टिड्डियों को इन लोगों का वध करने की नहीं, बल्‍कि इन्‍हें पाँच महीनों तक पीड़ित करने की अनुमति दी गयी। उनकी ऐसी यन्‍त्रणा थी, जैसी बिच्‍छुओं के डंक मारने से मनुष्‍यों की होती है।
Hindi Bible HHBD
और उन्हें मार डालते का तो नहीं, पर पांच महीने तक लोगों को पीड़ा देने का अधिकार दिया गया: और उन की पीड़ा ऐसी थी, जैसे बिच्छू के डंक मारने से मनुष्य को होती है।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
U ṭiḍḍi ke koi ke maare ke nai raha, lekin paañch mahina tak ulog ke kaṛa se kaṛa peeṛa sahe ke dewe ke raha. Ulog ke peeṛa eisan hoy ke rahi jeisan bichchhu ke kaaṭe se hoy hei.
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
उन्हें लोगों को मार डालने का तो नहीं पर पाँच महीने तक पीड़ा देने का अधिकार दिया गया: और उनकी पीड़ा ऐसी थी जैसे बिच्छू के डंक मारने से मनुष्य को होती है।
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
उन्हें लोगों को मार डालने की नहीं बल्कि पाँच महीने तक पीड़ा देने की अनुमति दी गई थी; और वह पीड़ा ऐसी थी जैसी बिच्छू के डंक मारने से मनुष्य को होती है।
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
उन्हें किसी के प्राण लेने की नहीं परंतु सिर्फ़ पांच माह तक घोर पीड़ा देने की ही आज्ञा दी गई थी. यह पीड़ा वैसी ही थी, जैसी बिच्छू के डंक से होती है.
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
और उन्हें लोगों को मार डालने का तो नहीं, पर पाँच महीने तक लोगों को पीड़ा देने का अधिकार दिया गया; और उनकी पीड़ा ऐसी थी, जैसे बिच्छू के डंक मारने से मनुष्य को होती है।