Romans 15:27 — Compare Translations

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Hindi (Roman Script)
achchha to laga, parantu ve un ke karjadar bhee haai, kyonki yadi anyajaati un kee atmaik baton men bhagee hua, to unhen bhee uchit haai, ki shaareerik baton men un kee seva karen.
Hindi 2017 (नया नियम)
अच्‍छा तो लगा, परन्‍तु वे उन के कर्जदार भी हैं, क्‍योंकि यदि अन्‍यजाति उनकी आत्‍मिक बातों में भागी हुए, तो उन्‍हें भी उचित है, कि शारीरिक बातों में उनकी सेवा करें।
Hindi Bible (ERV) (पवित्र बाइबल)
हाँ, उनके प्रति उनका कर्तव्य भी बनता है क्योंकि यदि ग़ैर यहूदियों ने यहूदियों के आध्यात्मिक कार्यों में हिस्सा बटाया है तो ग़ैर यहूदियों को भी उनके लिये भौतिक सुख जुटाने चाहिये।
Hindi Bible CLBSI 2015 (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
उनका यह संकल्‍प उचित ही है—वास्‍तव में वे यरूशलेम के सन्‍तों के ऋणी भी हैं, क्‍योंकि यदि गैर-यहूदी लोग यहूदियों की आध्‍यात्‍मिक सम्‍पत्ति के भागी बने, तो गैर-यहूदियों को अपनी लौकिक सम्‍पत्ति से उनकी सार्वजनिक सेवा करना चाहिए।
Hindi Bible HHBD
अच्छा तो लगा, परन्तु वे उन के कर्जदार भी हैं, क्योंकि यदि अन्यजाति उन की आत्मिक बातों में भागी हुए, तो उन्हें भी उचित है, कि शारीरिक बातों में उन की सेवा करें।
Hindi Fiji (Nawa Haup)
Yahi ulog sachmuch meñ kare maañge hei. Lekin Yahuudi log meñ peisa baaṭe ke matlab i bhais ki ulog ke karja lauṭaawa jaay hei, kaahe ke Yahuudi log aapan aatmik aasheesh geir Yahuudi se baaṭe rahin.
Hindi HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
उन्हें अच्छा तो लगा, परन्तु वे उनके कर्जदार भी हैं, क्योंकि यदि अन्यजातीय उनकी आत्मिक बातों में भागी हुए, तो उन्हें भी उचित है कि शारीरिक बातों में उनकी सेवा करें।
Hindi HSB 2023 (नवीन हिंदी बाइबल)
हाँ, उन्हें अच्छा लगा, और वे उनके ऋणी भी हैं; क्योंकि यदि गैरयहूदी उनकी आत्मिक बातों में सहभागी हुए, तो उचित है कि वे भौतिक वस्तुओं से उनकी सेवा भी करें।
Hindi HSS 2019 (सरल हिन्दी बाइबल)
सच मानो, उन्होंने यह खुशी से किया है. वे येरूशलेम वासियों के कर्ज़दार हैं क्योंकि जब गैर-यहूदियों ने उनसे आत्मिक धन प्राप्‍त किया है तो यह उचित ही है कि अब वे भौतिक वस्तुओं द्वारा भी उनकी सहायता करें.
Hindi IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
उन्हें अच्छा तो लगा, परन्तु वे उनके कर्जदार भी हैं, क्योंकि यदि अन्यजाति उनकी आत्मिक बातों में भागी हुए, तो उन्हें भी उचित है, कि शारीरिक बातों में उनकी सेवा करें।