Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
जाहि दासक मालिक प्रभु यीशु पर विश्वास कयनिहार छथि, से एहि कारणेँ अपन मालिकक कम आदर नहि करनि जे, ई मालिक तँ विश्वासक दृष्टिएँ हमर भाये अछि, बल्कि ओहि मालिक केँ आओर बढ़ियाँ सँ सेवा करनि, कारण, जाहि आदमी केँ ओकर सेवा सँ लाभ भऽ रहल अछि, से विश्वासी आ ओकर प्रिय भाय छथि। अहाँ विश्वासी सभ केँ एहि बात सभक शिक्षा दैत रहिऔक, आ ओकरा सभ सँ आग्रह करैत रहू जे एहि आज्ञा सभक पालन करओ।