Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
‘कारण, एहि लोक सभक मोन मे ठेला पड़ि गेल छैक, ई सभ कान सँ उच्च सुनैत अछि, ई सभ अपन आँखि मुनि लेने अछि, जाहि सँ कतौ एना नहि होअय जे आँखि सँ देखय, कान सँ सुनय, मोन सँ बुझय, आ घूमि कऽ हमरा लग आबय, आ हम ओकरा सभ केँ स्वस्थ कऽ दिऐक।’