Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
हम अहाँ सभ सँ निवेदन करैत छी जे, जाहि तरहेँ परमेश्वरक लोक केँ एक-दोसराक स्वागत करबाक चाही तहिना अहाँ सभ प्रभु मे हुनकर स्वागत करिऔन, आ जँ हुनका कोनो बात मे अहाँ सभक सहायताक आवश्यकता होनि तँ अहाँ सभ हुनकर सहायता करिऔन, कारण, ओ बहुतो लोकक, आ हमरो, बड्ड सहायता कयने छथि।