Romans 2:5 — Compare Translations

1 translations compared side by side

Maithili - 2010 (Jivən Səndesh)
मुदा अपन जिद्दीपन आ अपरिवर्तित हृदयक कारणेँ अहाँ अपना लेल परमेश्‍वरक प्रकोप केँ ओहि दिनक लेल संचित कऽ रहल छी जहिया परमेश्‍वरक प्रकोप आ उचित न्‍याय प्रगट होयत।