Luke 1:26 — Compare Translations

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Urdu 2017 BCS
इलीशिबा छः माह से हमिला थी जब खुदा ने जिब्राईल फ़रिश्ते को एक कुंवारी के पास भेजा जो नासरत में रहती थी। नासरत गलील का एक शहर है और कुंवारी का नाम मरियम था।
Urdu Bible (UGV) 2019 (ہولی بائبل کا اردو جیو ورژن)
الیشبع چھ ماہ سے اُمید سے تھی جب اللہ نے جبرائیل فرشتے کو ایک کنواری کے پاس بھیجا جو ناصرت میں رہتی تھی۔ ناصرت گلیل کا ایک شہر ہے اور کنواری کا نام مریم تھا۔ اُس کی منگنی ایک مرد کے ساتھ ہو چکی تھی جو داؤد بادشاہ کی نسل سے تھا اور جس کا نام یوسف تھا۔
Urdu DGV (किताब-ए मुक़द्दस)
इलीशिबा छः माह से उम्मीद से थी जब अल्लाह ने जिबराईल फ़रिश्ते को एक कुँवारी के पास भेजा जो नासरत में रहती थी। नासरत गलील का एक शहर है और कुँवारी का नाम मरियम था। उस की मँगनी एक मर्द के साथ हो चुकी थी जो दाऊद बादशाह की नसल से था और जिसका नाम यूसुफ़ था।
Urdu ERV 2007 (Has Missing Verses, Cant be found on Bible.com)
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Urdu GVR (Kitab-i Muqaddas)
Ilīshibā chhih māh se ummīd se thī jab Allāh ne Jibrāīl farishte ko ek kuṅwārī ke pās bhejā jo Nāsarat meṅ rahtī thī. Nāsarat Galīl kā ek shahr hai aur kuṅwārī kā nām Mariyam thā. Us kī mangnī ek mard ke sāth ho chukī thī jo Dāūd Bādshāh kī nasl se thā aur jis kā nām Yūsuf thā.
Urdu IRV (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019)
इलीशिबा छः माह से हामिला थी जब ख़ुदा ने जिब्राईल फ़रिश्ते को एक कुँवारी के पास भेजा जो नासरत में रहती थी। नासरत गलील का एक शहर है और कुँवारी का नाम मरियम था।
Urdu UCV (اُردو ہم عصر ترجُمہ)
اِلیشاَبیتؔ کے حَمل کے چھٹے مہینے میں، خُدا نے گیبریلؔ فرشتہ کو گلِیل صُوبہ کے ایک شہر ناصرتؔ میں،
Urdu UCVD (उर्दू हमअस्र तरजुमा)
ऐलीशाबैत के हमल के छटे महीने में, ख़ुदा ने जिब्राईल फ़रिश्ते को गलील सूबे के एक शहर नासरत में,
Urdu URD (کِتابِ مُقادّس)
چھٹے مہِینے میں جبراؔئیل فرِشتہ خُدا کی طرف سے گلِیل کے ایک شہر میں جِس کا نام ناصرۃ تھا ایک کُنواری کے پاس بھیجا گیا۔
Urdu URDGVH (किताबे-मुक़द्दस)
इलीशिबा छः माह से उम्मीद से थी जब अल्लाह ने जिबराईल फ़रिश्ते को एक कुँवारी के पास भेजा जो नासरत में रहती थी। नासरत गलील का एक शहर है और कुँवारी का नाम मरियम था। उस की मँगनी एक मर्द के साथ हो चुकी थी जो दाऊद बादशाह की नसल से था और जिसका नाम यूसुफ़ था।
Urdu URDR55 (Kitáb i Muqaddas 1955 (Tauret, Zabúr, Ambiyá ke Sahífa, aur Injíl))
Chhaṭe mahíne Jibraíl firishta Ḳhudá kí taraf se Galíl ke ek shahr meṉ jis ká nám Násarat thá, ek kuṉwárí ke pás bhejá gayá,