bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
Awadhi
/
Deuteronomy 26
Deuteronomy 26
Awadhi
← Chapter 25
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 27 →
1
“तू पचे हाली ही उ देस मँ घुसब्या जेका यहोवा तोहार परमेस्सर तू पचन्क रहइ बरे देत अहइ। जब तू पचे हुआँ क भुइँया पइ कब्जा कइ ल्या अउ ओह पइ रहइ लाग्या,
2
तब तू पचन्क आपन क तनिक फसिल लेइ चाही अउर ओका एक टोकरी मँ धरइ चाही। उ पहिली फसिल होइ जेका तू पचे उ देस स पउब्या जेका यहोवा तोहार परमेस्सर तू पचन्क दइ देत अहइ। तनिक पहिली फसिल वाला टोकरी क ल्या अउर उ ठउर पइ जा जेका यहोवा तोहार परमेस्सर चुनी।
3
उ समइ सेवा करइवाला याजक क लगे तू पचन्क जाई चाही अउर ओहसे कहइ चाही, ‘आजु मइँ यहोवा आपन परमेस्सर क लगे इ एलान करत हउँ कि हम पचे उ देस मँ आवा अही जेका यहोवा हम लोगन क देइ बरे हमरे पुरखन क बचन दिहे रहा।’
4
“तब याजक टोकरी क तोहरे हाथे स लेइ। उ एका यहोवा तोहरे परमेस्सर क वेदी क समन्वा रखी।
5
तब तू पचे यहोवा आपन परमेस्सर क समन्वा इ कहब्या: ‘मोर पुरखा घुमक्कड़ अरामी रहा। उ मिस्र पहोंचा अउर हुआँ रहा। जब उ हुआँ गवा तब ओकरे परिवार मँ बहोत कम लोग रहेन। मुला मिस्र मँ उ एक सक्तीवाला बहोत स मनइयन वाला महान रास्ट्र बन गवा।
6
मिस्रियन हम लोगन क संग बहोतइ बुरा बेउहार किहन। उ हम लोगन क मुसीबत मँ डाइ दिहेन अउ कठिन कारज करइ बरे निस्चित किहेन।
7
तब हम पचे यहोवा आपन पुरखन क परमेस्सर स पराथना कीन्ह अउर ओनका गोहार लगाएन यहोवा हमरउ सुनेस अउर उ हम लोगन्क परेसानियन, हमरे कठोर काम अउ अत्याचार क लखेस।
8
तब यहोवा हम लोगन्क आपन प्रबल सक्ती अउ मजबूती स मिस्र स बाहेर लइ गवा। उ डरावना बातन, महान चमत्कारन अउ अचरजन कर्म किहस।
9
इ तरह हम लोगन्क इ ठउरे पइ लिआवा। उ दूध अउर सहद बहत भवा देस हम पचन्क दिहस।
10
यहोवा, अब मइँ उ देस क पहिली फसिल तोहरे लगे लिआएउँ ह जेका तू मोका दिह्या ह।’ “तब तू पचन्क यहोवा आपन परमेस्सर क समन्वा रखइ चाही अउर तू पचन्क ओका निहुर करइ चाही।
11
तब तू पचे ओन सब नीक चीजन्क क आनन्द स भोग कइ सकत ह जेका यहोवा तोहार परमेस्सर तू पचन्क अउर तोहरे परिवार क दिहस ह। लेवी बंसी अउर उ सबइ प्रवासी जउन तोहरे बीच रहत हीं तोहरे संग इ चीजन्क आनन्द लइ सकत हीं।
12
“जब तू पचे दसवाँ हींसा जउन तीसरे बरिस (दसवाँ हींसा क बरिस) तोहरी फसिल क दीन्ह जाइ क अहइ, दइ चुका तब तू पचन्क लेवी बंसियन, बिदेसियन, अनाथन अउर राँड़ मेहररुअन क एका दइ देइ चाही। तब हर एक सहर मँ उ पचे खाइ सकत हीं अउर सन्तुट्ठ कीन्ह जाइ सकत हीं।
13
तू पचे यहोवा आपन परमेस्सर स कहब्या, ‘मइँ आपन घरे स आपन फसिल क पवित्तर हींसा दसवाँ हींसा बाहेर निकारि दिहेउँ ह। मइँ एका ओन सबहिं लेवी बंसियन, बिदेसियन, अनाथन अउर राँड़ मेहररुअन क दइ दिहेउँ ह। जइसा तू मोका आदेस दिहेस रहा मइँ एका ओन सबहिं अदेसन क मानइ स इन्कार नाहीं किहेउँ ह। मइँ ओनका बिसरेउँ नाहीं।
14
मइँ इ भोजन तब नाहीं किहेउँ जब मइँ सोक मनावत रहेउँ। मइँ इ अनाज क तब अलग नाहीं किहेउँ जब मइँ असुद्ध रहेउँ। मइँ इ अनाजे मँ स कउनो हींसा मरे मनई बरे नाहीं दिहेउँ ह। मइँ यहोवा हमार परमेस्सर क आग्या क मानेउँ ह। मइँ उ सब कछू किहेउँ ह जेकरे बरे तू आग्या दिह्या ह।
15
तू आपन पवित्तर आवास सरग स खाले निगाह डावा अउर आपन लोगन, इस्राएलियन क आसीर्बाद द्या जेका तू हम लोगन्क वइसा ही दिह्या ह जइसा तू हमरे पुरखन क बढ़िया चीजन्स भरा-पूरा देस देइ क बचन दिह्या रह्या।’
16
“आजु यहोवा तोहार परमेस्सर तू पचन्क आदेस देत अहइ कि तू पचे इ सबइ बिधियन अउ नेमन क माना। आपन पूरा हिरदय अउर आपन पूरी आतिमा स एनका मानइ बरे होसियार रहा।
17
आजु तू पचे इ कहया ह कि यहोवा तोहार परमेस्सर अहइ। तू लोग बचन दिहा ह कि तू पचे ओकरे राहे पइ चलब्या, ओकरे हुकुमन, आदेसन अउर नेमन क मनब्या। तू पचे कहया ह कि तू पचे उ सब कछू करब्या जेका करइ बरे उ कहत ह।
18
आजु यहोवा तू पचन्क आपन लोग क रूप स्वीकार किहेस। अउर तोहका आपन मूल्यवान सम्पत्ति बनाइ बरे बचन दिहस ह। अउर तू पचन्क ओकरे सब आदेसन क मानइ चाही।
19
यहोवा तू पचन्क ओन सबहिं रास्ट्रन स महान बनाई जेनका उ बनाएस ह। उ तू पचन्क तारीफ, जस अउर गौरव देइ अउर तू पचे ओकर खास लोग होब्या, जइसा उ बचन दिहेस ह।”
← Chapter 25
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 27 →