bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Awadhi
/
Awadhi
/
Genesis 16
Genesis 16
Awadhi
← Chapter 15
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 17 →
1
सारै अब्राम क मेहरारु रही। अब्राम अउ ओकरे कउनो लरिका नाही रहा। सारै क लगे एक ठु मिस्र क दासी रही। ओकर नाउँ हाजिरा रहा।
2
सारै अब्राम स कहेस, “लखा, यहोवा मोका कउनो बच्चा नाही दिहे अहइ। ऍह बरे मोरी दासी क संग सारीरिक संबन्ध करा होइ सकत ह कि ओकर बच्चा मोर अपना बच्चा होइ जाब।” अब्राम आपन मेहरारु क कहब मान लिहस।
3
कनान मँ अब्राम क दास बरिस रहइ क पाछे इ बात भइ अउ सारै आपन भतार अब्राम बरे हाजिरा क दइ दिहस। हाजिरा मिस्र क दासी रही।
4
हाजिरा, अब्राम स गाभिन भइ। जब हाजिरा इ देखेस तउ ओका बहोत गरब भवा अउ इ महसूस करइ लाग कि मइँ आपन मालकिन सारै स बढ़िया अहउँ।
5
मुला सारै अब्राम स कहेस, “मोर दासी अब मोसे घिना करत ह अउ एकरे बर मइँ तोहका दोखी मानन हउँ। मइँ ओका तोहरे बरे दिहेउँ। उ गाभिन भइ अउर तब उ महसूस करइ लाग कि उ मोसे बढ़िया बा। मइँ चाहत हउँ कि यहोवा सही निआव करी।”
6
मुला आब्राम सारै स कहेस, “तू हाजिरा क मालकिन अहा। तू ओकरे संग जउन चाहा कइ सकत ह।” ऍह बरे सारै आपन दासी पइ अत्याचार किहस अउर ओकर दासी पराइ गइन।
7
यहोवा क सरगदूत रेगिस्तान मँ पानी क सोता क लगे हाजिरा क पाएस। इ सोता सूर जाइवाला राहे प रहा।
8
सरगदूत कहेस, “हाजिरा, तू सारै क दासी अहा। तू हिआँ काहे अहा? तू कहाँ जात अहा?” हाजिरा कहेस, “मइँ आपन मालकिन सारै क हिआँ स पराइ जात अहउँ।”
9
यहोवा क सरगदूत ओसे कहेस, “तू आपन मालकिन क घर जा अउर ओका सोंप द्या।”
10
यहोवा क सरगदूत ओसे फुन कहेस, “तोहसे बहोत स लोग पइदा होइहीं। इ सबइ लोग ऍतना होइ जइहीं कि गना नाही जाइ सकिही।”
11
यहोवा क सरगदूत अउर भी कहेस, “अबहि तू गर्भ धरे अहा अउर तोहका एक पूत होइ। तू ओकर नाउँ इस्माएल राख्या। काहेकि यहोवा तोहका देइ भए कस्ट क सुनेस ह।
12
इस्माएल एक ठु जंगली गदहा क तरह जंगली अउ अजाद होइ उ सब क खिलाफ होइ अउर सबहीं ओकर खिलाफ होइ जाइ। उ आपन भाइयन क लगे आपन डेरा डाइ मुला उ ओनके खिलाफ होइ।”
13
तब हाजिरा परमेस्सर क जउन ओसे बात करत रहा, एक नवा नाउँ स यहोवा क पुकारेस। उ कहेस, “तू ‘परमेस्सर ह जउन मोका लखत ह।’” उ ओसे उ नाउँ ऍह बरे दिहस काहेकि उ आपन आप स कहेस, “मइँ महसूस करत हउँ कि उ मोरे ऊपर निगाह राखत ह।”
14
ऍह बरे उ कुआँ क नाउँ लहैरोइ पड़ा। उ कुआँ कादेस अउ बेरेद क बीच मँ बाटइ।
15
हाजिरा अब्राम क पूत क जन्म दिहस। अब्राम पूत क नाउँ इस्माएल धरेस।
16
अब्राम उ टेम छियासी बरिस क रहा जब हाजिरा इस्माएल क जन्म दिहस।
← Chapter 15
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 29
Chapter 30
Chapter 31
Chapter 32
Chapter 33
Chapter 34
Chapter 35
Chapter 36
Chapter 37
Chapter 38
Chapter 39
Chapter 40
Chapter 41
Chapter 42
Chapter 43
Chapter 44
Chapter 45
Chapter 46
Chapter 47
Chapter 48
Chapter 49
Chapter 50
Chapter 17 →