bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Haryanvi
/
Haryanvi Bible (हरियाणवी)
/
1 John 3
1 John 3
Haryanvi Bible (हरियाणवी)
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 4 →
1
सोच्चों तो सही के पिता परमेसवर नै म्हारै तै किसा प्यार करया, कै हम पिता परमेसवर की ऊलाद कुहवाऐ; अर हम सां भी। पर इस कारण दुनिया के माणस हमनै कोनी जाणते, के हम परमेसवर की ऊलाद सां, क्यूँके वे पिता परमेसवर नै भी कोनी जाणते।
2
हे मेरे प्यारे बिश्वासी भाईयो, इब हम परमेसवर की ऊलाद सां अर इब ताहीं यो तय न्ही होया, के आण आळे बखत म्ह हम के बणागें! इतणा जाणा सां के जिब यीशु मसीह आवैगा तो हम उसकै समान होवांगे, क्यूँके हम मसीह नै उसेए दिक्खांगें जिसा वो सै।
3
अर जो कोए मसीह पै या आस राक्खै सै, वो अपणे-आपनै उसाए पवित्र करै सै, जिसा वो पवित्र सै।
4
जो कोए बार-बार पाप करै सै, वो नियम-कायदा का बिरोध करै सै। अर हुकम ना मानना ए पाप सै।
5
थम जाणो सों के मसीह इस खात्तर आया, ताके पाप नै दूर करै; अर उसकै म्ह कोए भी पाप कोनी।
6
जो कोए उस म्ह बण्या रहै सै, वो बार-बार पाप न्ही करदा: जो कोए बार-बार पाप करै सै, वे कोनी जाणते के मसीह कौण सै, अर ना ए उसकै गैल कोए उनका रिश्ता सै।
7
हे बाळकों, किसे कै बहकावै म्ह ना आइयो। जो धर्म के काम करै सै, वोए मसीह कै समान धर्मी सै।
8
जो कोए पाप करदा रहवै सै, वो शैतान की ओड़ तै सै, क्यूँके शैतान शरु तै ए पाप करदा आया सै। परमेसवर का बेट्टा इस खात्तर आया के शैतान कै काम्मां का नाश करै।
9
जो परमेसवर की ऊलाद सै, वो बार-बार पाप न्ही करदा; क्यूँके मसीह का सुभाव उस म्ह बण्या रहवै सै, अर वो पाप कर ए न्ही सकता, क्यूँके वो परमेसवर की ऊलाद सै।
10
परमेसवर की अर शैतान की ऊलाद की पिच्छाण इस्से तै हो ज्या सै: कोए भी माणस, जिसका जीवन धार्मिकता का कोनी, वो परमेसवर की ओड़ तै कोनी, अर ना ए वो, जिसनै अपणे भाई तै प्यार न्ही करया।
11
जो खबर थमनै शरु तै सुणी, वो या सै के हम एक-दुसरे तै प्यार करां;
12
अर आदम के बेट्टे कैन की ढाळ ना बणो, जो उस शैतान की ओड़ तै था, अर जिसनै अपणे भाई ताहीं मार दिया। अर उस ताहीं क्यूँ मारया? क्यूँके उसके खुद के काम बुरे थे, अर उसके भाई के काम धर्म के थे।
13
हे बिश्वासी भाईयो, जै दुनिया के माणस थारे तै बैर करै सै तो अचम्भा ना करो।
14
हम जाणा सां, के हम मौत के मुँह तै लिकड़कै जीवन म्ह दाखल होवा सां; क्यूँके हम बिश्वासी भाईयाँ तै प्यार राक्खा सां। जो प्यार न्ही राखदा वो मृत्यु के सिकन्जे म्ह रहवै सै।
15
जो कोए अपणे बिश्वासी भाई तै बैर राक्खै सै, वो हत्यारा सै; अर थम जाणो सों के हत्यारे म्ह अनन्त जीवन न्ही रहन्दा।
16
प्यार के सै? इस्से तै हमनै जाण लिया के यीशु मसीह नै म्हारै खात्तर अपणी जान दे दी; इस करकै हमनै भी अपणे बिश्वासी भाईयाँ कै खात्तर जान देणी चाहिए।
17
पर जिस किसे कै धोरै दुनिया की दौलत हो अर वो अपणे बिश्वासी भाई नै कंगाल देखकै उसपै तरस ना खावै, तो उस म्ह परमेसवर का प्यार किस तरियां बण्या रहै सकै सै?
18
हे प्यारे बाळकों, म्हारे बोल्लण तै ए न्ही, पर काम अर सच्चाई म्ह भी म्हारा प्यार दिखणा चाहिए।
19
जिब हम दुसरयां तै प्यार करां सां, तो हम जाण लेवां सां, के हम सच के सां; अर जिस बात म्ह म्हारा मन हमनै दोष देवै सै, उसकै बारें म्ह हम परमेसवर कै आग्गै अपणे-अपणे मन नै होसला दे सकां सां;
20
जै बुरे काम की बजह तै म्हारा मन हमनै दोषी बणावै तोभी हम परमेसवर के स्याम्ही जा सकां सां, क्यूँके परमेसवर म्हारे मन तै बड़ा अर सब कुछ जाणण आळा सै।
21
हे प्यारे बिश्वासी भाईयो, जै म्हारा मन हमनै दोष ना दे, तो हमनै परमेसवर कै आग्गै जाण म्ह होसला मिलै सै।
22
अर जो कुछ हम परमेसवर तै माँग्गा सां, वो हमनै उसतै मिलै सै, क्यूँके हम उसकै हुकम नै मान्ना सां अर जो उसनै आच्छा लाग्गै सै, वोए हम करा सां।
23
उसका हुकम यो सै के हम उसकै बेट्टे यीशु मसीह पै बिश्वास करा, अर जिसा उसनै म्हारै ताहीं हुकम दिया सै उस्से कै मुताबिक हम आप्पस म्ह प्यार करां।
24
जो परमेसवर के हुकम नै मान्नै सै, वो परमेसवर म्ह वास करे सै, अर वो उन म्ह वास करे सै: अर इस्से तै, हम जाणा सां, के वो म्हारै म्ह रहवै सै उस पवित्र आत्मा के जरिये जो उसनै म्हारै ताहीं दिया सै।
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 4 →
All chapters:
1
2
3
4
5