bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bagri
/
Bagri Bible
/
1 Corinthians 11
1 Corinthians 11
Bagri Bible
← Chapter 10
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 12 →
1
जिंया मैं मसी गी आग्या गो पालण करयो है बिंयाई थे करो।
2
हे मेरा भाईयो अर भेनों, थे मनै हरेक बात में याद करता रेवो अर झिकी आग्या मैं थानै बताई बिंगो थे पालण करो। ईंखातर मैं थानै सरावंतो रेऊं।
3
पण मैं चाऊं कै थे आ बात जाणल्यो कै हर एक पति गो सिर मसी है अर पत्नी गो सिर बिंगो पति है। अर मसी गो सिर परमेसर है।
4
झिको आदमी आपगो सिर ढकगे पराथना या परमेसर गी बात बोलै तो बो आपगै सिर झिको मसी है बिंगी बेजती करै है।
5
बिंयाई झिकी लुगाई उघाड़ै सिर पराथना या परमेसर गी बात करै तो बा आपगो सिर झिको बिंगो पति है बिंगी बेजती करै है। क्यूंकै बा लुगाई आपगै सिर गो मुंडन कराण आळै बरगी है।
6
जे कोई लुगाई आपगो सिर ना ढकणो चावै तो बा आपगा बाळ कटवा ल्यै। जे लुगाई बाळ कटाणा सरम गी बात समझै तो आपगो सिर ढकगे राखै।
7
पण आदमी नै आपगो सिर ढकणो आच्छी बात कोनी क्यूंकै परमेसर बिनै आपगै बरगो बणायो अर ईंखातर बिंगै द्वारा परमेसर नै आदर मिलै। पण लुगाई नै आपगो सिर ढकगे राखणो चईयै क्यूंकै इंऊं बिंगै पति नै आदर मिलै।
8
क्यूंकै परमेसर आदमी ऊं लुगाई नै बणाई, लुगाई ऊं आदमी कोनी।
9
अर आदमी लुगाई गी मदद खातर कोनी बणायो पण लुगाई आदमी गी मदद खातर बणायेड़ी है।
10
ईंखातर लुगाईयां नै आपगो सिर ढकगे राखणो चईयै कै बे आपगै पति गी आग्या में रेवै है। क्यूंकै सुरगदूत आपणी करणी नै देखता रेवै।
11
पण फेर बी परमेसर गी नजर में आदमी लुगाई एक बरगा ई है अर बे एक दूसरै बिना कीं बी कोनी कर सकै।
12
क्यूंकै जिंया लुगाई आदमी ऊं बणी बिंयाई आदमी लुगाई ऊं पैदा होयो। पण ओ सारो कीं परमेसर गो बणायेड़ो है।
13
थे जाणो हो कै एक लुगाई नै सिर उघाडे़ परमेसर ऊं पराथना करणी सोभ्या कोनी दैय।
14
अर एक आदमी नै लम्बा बाळ राखणा बी सरम गी बात है।
15
पण लुगाई नै लंबा बाळ राखणा बिंगो सिंगार है। क्यूंकै लंबा बाळ परमेसर बिनै सिर ढकण खातर दिया है।
16
पण अब इंगै बारै में जे कोई विवाद करै तो मैं बानै ओ ई केऊंगा कै इंगै अलावा परमेसर गी आराधना करण गी आपणी कोई दूसरी रिवाज कोनी अर परमेसर गी दूसरी बिस्वासी मण्डली में बी ओ ई रिवाज बणेड़ो है।
17
अब मैं एक दूसरी बात बताणी चाऊं कै मैं थानै ईंखातर कोनी सरावूं कै जद थे भेळा होवो तो थे थारी भलाई कोनी पण नुकसान करो।
18
मैं इंया सुण्यो है कै जद थे बिस्वासी मण्डली में भेळा होवो तो थारै आपस में फूट होवै। अर मैं मानूं कै इमै कीं सच्चाई है।
19
पण इंया करण ऊं थानै ठा लागजासी कै थारै मू कुण परमेसर गो आच्छी तरियां आदर मान करै अर कुण कोनी करै।
20
थे यीसू मसी गै बलिदान नै याद करण खातर प्रभु भोज में भेळा होवो पण थे सच्च मुच यीसू मसी नै याद कोनी करो।
21
अर ना थे प्रभु भोज खाण गै टेम एक दूसरै नै अडीको हो। पण केई लोग तो पेलां ई आपगो भोजन खा पीगे मतवाळा बी होज्यै, जिंऊं केई लोग आखर में भूखा ई रेज्यै।
22
जे इंयाई करणो है तो थारै घर में बेठगे ई खा पी लेवंता। इंया करण ऊं थे परमेसर गै चुणेड़ा लोगां नै तुछ समझो अर गरीब लोगां गी बेजती करो हो। ईं बात में मैं थानै कोई बडाई कोनी दैयूं।
23
झिकी बात मनै प्रभु बताई बा'ई बात मैं थानै बताई है। अर बा बात आ है कै झिकी रात प्रभु यीसू पकड़ाईजो बिं रात बण रोटी ली,
24
अर परमेसर गो धन्यवाद कर'गे तोड़ी अर बानै देगे केयो, “ओ मेरो सरीर है झिको थारै खातर देऊं हूं: मेरी यादगीरी में थे इंयाई करे करियो।”
25
ईं रीति ऊं रोटी खाण गै बाद में दाखरस गो कटोरो लेगे बानै दियो अर केयो, “ओ कटोरो मेरै खून गो है झिको थारै खातर बहाइज्यैगो अर ओ नूंअ वायदै गो निसान है। जद बी थे प्रभु भोज गो दाखरस पीओ तो मनै याद करियो।”
26
ईंखातर मैं पौलुस, थानै आ बात केणी चाऊं कै, जद थे जिती बारी ईं प्रभु भोज नै लेवो बिती बारी थे दूसरा नै प्रभु गै बलिदान गै बारै में बताये करो अर बांगै दुसर आण तांई इंयाई करता रेवो।
27
ईंखातर जद थे यीसू मसी गै बलिदान नै याद करण खातर प्रभु भोज में सई रीत ऊं रोटी ना खावो अर ना दाखरस पीओ तो थे गळत करो अर प्रभु मसी गै सरीर अर खून गो आदर कोनी करो।
28
ईंखातर थे प्रभु भोज में भेळा होण ऊं पेलां अपणै आपनै परख ल्यो।
29
क्यूंकै जे कोई प्रभु गी देह नै ना पिछाणै बिना प्रभु भोज गी रोटी खावै अर दाखरस नै पीवै तो बो बिं खाणै पीणै ऊं अपणै आप पर परमेसर गी सजा गो भागी बणै।
30
ईं कारण ई थारै मू भोतसा लोग कमजोर अर रोगी बणग्या अर केई मर बी ग्या।
31
पण जे आपां अपणै आपनै आच्छी तरियां परख लेवंता तो आपणै पर परमेसर गी आ सजा कोनी आवंती।
32
अर जद प्रभु आपणो न्याय कर'गे आपां नै सजा दैय तो आपां इंऊं भोत कीं सिखां कै संसार गा लोग आपणै पर दोस ना लगा सकै।
33
ईंखातर हे मेरा भाईयो अर भेनों, जद थे प्रभु भोज में भेळा होवो तो एक दूसरै नै अडिके करो।
34
ईंखातर जे कोई सच्च में भूखो है तो बो आपगै घरे ई खाणो खाईयावै। जिंऊं थे बिना भेदभाव गै प्रभु भोज में भेळा हो सको अर परमेसर थारो न्याय कर'गे थानै सजा ना दैय। अर बाकी बातां मैं थानै थारै कनै आ'गे बताऊंगा।
← Chapter 10
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 12 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16