bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bagri
/
Bagri Bible
/
2 Corinthians 12
2 Corinthians 12
Bagri Bible
← Chapter 11
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 13 →
1
भलैईं घमण्ड करणो आच्छी बात कोनी पण फेर बी मैं घमण्ड करूंगा। ईंखातर कै मैं प्रभु गै देयेड़ै दरसणा अर बांगी प्रकट होयड़ी बातां गै बारै में जरूर चरचा करूंगा।
2
मैं मसी में एक भगत नै जाणूं झिकै नै चोवदा साल पेली परमेसर तीसरै सुरग में उठा लियो। पण बो देह गै सागै उठाईज्यो या बिना देह गै। इंगो मनै ठा कोनी। ओ परमेसर ई जाणै। बण भगत बठै इसी बाता सुणी झिकी गो बखान कोनी करयो जा सकै अर बे बातां मिनख गै मूं ऊं बताई बी कोनी जा सकै।
5
मैं हिस्यै आदमी पर घमण्ड करूंगा पण जठै तांई मेरै खुद गो सवाल है मैं आपगी कमजोरियां नै छोड ओर कोई बात पर घमण्ड कोनी करूंगा।
6
जे मैं घमण्ड करूं तो आ मेरी मूरखता कोनी पण मैं साची बोलूं। पण इयां ना होवै कै झिका लोग मनै देखै अर सुणै; जद बे मनै बाऊं मोटो समझै।
7
अर परमेसर झिकी मनै प्रकट होयेड़ी बातां गै बारै में बतायो बांगै घमण्ड में मैं फूल ना जाऊं। ईंखातर बण मेरै सरीर में एक दर्द भर दियो। अर एक सैतान गो दूत मेरै ईं घमण्ड नै कम करण खातर हरेक टेम दुख देवंतो रेवै।
8
अर न्यारै-न्यारै टेम मैं तीन बार परमेसर ऊं बिनती करी कै मेरो ओ दुख काट दे।
9
पण प्रभु बोल्या, “मेरी किरपा तेरै पर भोत है। अर मेरी सामरथ तेरी कमजोरी में जादा काम करैगी।” ईंखातर मैं भोत आनंद गै सागै आपगी कमजोरियां पर घमण्ड करूंगा जिंऊं मसी गी ताकत मेरै में बणी रेवै।
10
ईं कारण मैं मसी खातर कमजोरी, चुगली, कस्ट, सताव अर दुख-तकलीफ में बी सुखी रेवूं क्यूंकै जद मेरै में कमजोरी आवै तो मैं अपणै आपनै ताकतवर समझूं।
11
मैं मूरख तो बण्यो पण थे ई मनै बणन पर मजबूर करयो। थानै तो मेरी बडाई करणी चईयै। भलैईं मैं कीं कोनी जाणूं फेर बी बां मोटा खास चेला ऊं कोई बात में कम कोनी हूं।
12
सच्च में मैं थारै सामणै बड़ी धीरज ऊं एक साच्चो खास चेलो होण गो सबूत दिखायो अर थारै बिचाळै चमत्कार, निसानी अर सामरथ गा काम बी करया हा।
13
के थे कोई बात में दूसरी बिस्वासी मण्डली ऊं न्यारा हो? सिरफ ईं बात में ई कै मैं थारै पर बोझ कोनी बण्यो। मेरी ईं गळती खातर मनै माफ करो।
14
अर देखो, मैं तीसर थारै कनै आण आळो हूं। पण मैं थारै कनूं कीं मांगण कोनी आऊं क्यूंकै मनै थारै धन दोलत गी कोनी पण थारी चिंता है। बच्चा आपगै मां बाप खातर धन भेळो कोनी करै पण मां बाप आपगै बच्चां खातर धन भेळो करै।
15
अर अब मैं खुसी ऊं थारै उपर आपगो तन मन धन खरच कर दैयूंगा क्यूंकै मैं थारूं भोत प्रेम करूं अर मनै पूरो भरोसो है कै मेरै खातर बी थारो प्रेम कदी कम कोनी होवै।
16
थे जाणो हो कै मैं थारै पर बोझ कोनी बण्यो पण फेर ई थारै बिचाळै केई लोग सोचे कै मैं आपगी चलाकी ऊं थानै आपगै फायदै खातर फसा लिया।
17
अब थे ई बताओ कै झिकै लोगां नै मैं थारै कनै भेज्या बाऊं मैं थानै ठग्या के?
18
मैं तीतुस अर बिंगै सागै एक ओर भाई नै थारै कनै भेज्यो। के बां थारै कनूं कीं लियो? क्यूंकै म्हारै में एक ई आत्मा है झिकी काम करै है।
19
थानै लागतो होणो कै म्हे थारै सामणै आपगी सफाई देण लागरया हां। पण हिसी बात कोनी। म्हे मसी गा दास होगे आ बात केण लागरया हां अर इंगो गवा खुद परमेसर है। ईंखातर मेरा प्यारा भाईयों, म्हे झिको कीं करां बो थारै आत्मिक बिस्वास नै मजबूत करण खातर करां हां।
20
पण मनै डर है कै जद मैं थारै कनै आऊं तो जिंया मैं थानै देखणो चाऊं बिंया थे ना दिखो अर जिंया मनै थे देखणो चावो बिंया मैं थानै ना दिखूं। कठैई इंया ना होवै कै थारै में लड़ाई झगड़ो, ईरखा, रीस, मतलबी, बदनामी अर घमण्ड होवै अर म्हानै थे सारा आपसरी में खिंडेड़ा लादो।
21
अर मेरो परमेसर कदी बी मनै फेर ऊं थारै कनै आण पर दबाब दैय अर मनै बां लोगां खातर रोणो पड़ै झिका पेलां पाप करता हा। अर बां अजे तांई आपगै आं कुकरमा ऊं, बेबीचार ऊं अर भोग विलास ऊं आपगो मन कोनी बदळयो होवै।
← Chapter 11
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 13 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13