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1
फेर बे एकर झील गै किनारै पर खड़ी लोगां गी भीड़ नै उपदेस देण लागरया अर आप लोगां ऊं थोड़ी दूर झील गै मा किस्ती में बेठया।
2
बां लोगां नै भोत सी बातां मिसाल ऊं समझाई अर उपदेस देवंता केयो कै।
3
“ध्यान ऊं सुणो, एकर एक किसान आपगै खेत में बीज गो छिंटो मारण गेयो।
4
जद बो छिंटो मारण लागरयो तो केई बीज रा पर पड़ग्या अर पंछियां आ'गे बानै चुग लिआ।
5
केई बीज हिसी जिग्यां पड़या जठै जिग्यां पक्की ही पण बे बीज बठै उग्या तो हा।
6
पण तावड़ो बोळो होण गै कारण बे बेगाई सुकग्या क्यूंकै बांगी जड़ जादा डूंगी कोनी बणी।
7
केई बीज झाड़का में पड़गे उगग्या पण झाड़का मोटा बधगे बानै दबा दिआ।
8
पण केई बीज आच्छी भूमी पर पड़या झिका उगगे केई तीस गुणा, केई साठ गुणा अर केई सो गुणा फळ ल्याया।”
9
फेर यीसू बानै केयो, “ईं मिसाल नै आच्छी तरियां जाण गे इंगो मतलब समझो।”
10
जद लोगां गी भीड़ बढगी तो बिंगै बारा चेला अर झिका लोग यीसू गै सागै हा बां ईं मिसाल गो मतलब पूछयो।
11
यीसू बानै केयो, “परमेसर गै राज गै बारै में झिकी बाता गो दूसरा नै ठा कोनी बो थानै बताण लागरयो हूं। दूसरै लोगां नै तो मैं मिसाल ऊं बताऊं।
12
जिंऊं जिस्या ऐ लोग करै बिंया ई देखता तो रेवै पण कदी सच्चाई नै ना जाण सकैगा अर सुणता रेवै पण समझ ना पावै अर आंगा पाप माफ होण खातर मेरै कानी ना मुड़ सकैगा।”
13
फेर यीसू बानै केयो, “जे थे ईं मिसाल गो मतलब ना समझ सको तो दूसरी मिसाल नै समझणो ओखो होवैगो।
14
ईं मिसाल गो मतलब ओ है, कै परमेसर गो बचन सुणाण आळो आदमी, बीज छिड़कणै आळै किसान गी तरियां है।
15
अर रा बे लोग है झिकै पर बीज गिरैया तो हा अर बां बचन सुणयो हो पण सैतान बांगै माऊ दबादब बीज रूपी बचन काड़ ले गयो।
16
अर पक्की भूमी बे लोग है झिका बचन नै आनंद ऊं सुण्यो तो हो।
17
पण पूरी जड़ ना घालण गै कारण थोड़ा दिना गै बाद क्ळेस अर बिरोध गै कारण पाछा हट ज्यै।
18
झाड़का बे लोग है झिका में बीज तो गिरैया यानी बचन सुण्यो पण परिवार गी चिंता में फस गे दबग्यो अर बिना फळ गै रेग्यो।
19
आच्छी भूमी बे लोग है झिका स्वीकार कर'गे तीस गुणा, साठ गुणा अर सो गुणा फळ ल्यावै है।”
21
यीसू बानै केयो, “आदमी दीयो जगा गे बठळ निचै कोनी रखै। दीयो तो हमेसां ऊंची जिग्यां पर रखै।
22
इंयाई झिकी सच्चाईयां परमेसर लोगां ऊं आज तांई लकोगे राखी है बानै बे परगट करैगा।
23
आं बाता नै ध्यान ऊं सुणो अर समझो।
24
मेरी बात नै ध्यान ऊं सुणो अर बिं पर बिचार करो मेरी बाता पर जितो ई थे बिचार करोगा बितो ई थे जादा समझ पावोगा।
25
झिको मेरी बात पर ध्यान देगे समझै बानै परमेसर ओर जादा समझण गी ताकत दैयगो। झिका ध्यान देगे ना समझै, बे जितो कीं जाणै बिनै ई भूल ज्यैगा।”
26
फेर यीसू केयो, “परमेसर गो राज हिस्यो है जिंया एक आदमी बीज गो छिंटो मारै।
27
अर जद बो दिन में आपगै काम में लीन होगे रात नै सोज्यै अर दिन गै उठगे देखै तो बीज आपी उगगे मोटो हो'ज्यै अर किसान नै ठाई कोनी होवै कै ओ किंया हो'ग्यो।
28
धरती अपणै आप अनाज पैदा करै। पेलां बीज फूटै फेर अंकुर बणगे उपर बाल निकळै फेर बाल में दाणा बणै।
29
अर जिंयाई दाणा पकगे तैयार हो'ज्यै तो किसान दांती लेगे बिनै बाडल्यै अर काडगे घरे लियावै।”
30
फेर यीसू केयो, “मैं थानै कीं तरियां गी मिसाल ऊं समझाऊं कै परमेसर गो राज किंगै बरगो है।
31
बो राई गै दाणै गी तरियां होवै झिको सारै बीजा में छोटो होवै।
32
पण जद बिनै बीज दैय तो बिमू एक मोटो बूंटो निकळै अर बिमुं इती मोटी डाळियां निकळै कै आकास गा पंछी बिं पर बसेरो करण लागज्यै।”
33
हिसी हिसी मिसाल देगे जठै तांई हो सक्यो यीसू बानै परमेसर गा बचन समझाया।
34
बिना मिसाल गै बां कीं कोनी समझायो। पण आपगा चेला जद एकला होंता तो सिरफ बानै ई मिसाल गो अरथ बतावंतो।
35
बिं दिन ई जद रात ढळण लागगी तो यीसू आपगै चेला नै केयो, “आज्यो आपां गलील झील गै दूसरै पासै चालां।”
36
जिंयाई यीसू किस्ती पर चढया बिंयाई बानै लोग भीड़ नै दूर करता आप किस्ती पर चढ'ग्या अर बठू चाल पड़या। पण बांगी किस्ती लारै ओर बी किस्ती ही।
37
जद चाणचकै ई तकड़ी आंधी आ'गी अर किस्ती ऊं उपाकर मोटी मोटी लेहरा चढण लागगी। अर किस्ती पाणी ऊं भरीजण लागगी।
38
यीसू किस्ती गै लारलै पासै एक गदी गो सीराणो लगा गे सूत्या पड़या। बांगा चेला बानै जगागे केयो, हे गुरू थानै म्हारो थोड़ो भोत ई फिकर कोनी के? म्हे डूबण लागरया हां।
39
यीसू खड़या होया अर आंधी नै ललकारी कै, “सांत होज्या।” इतो केंता ई आंधी एकदम ई बंद होगी।
40
जद बां आपगै चेला नै केयो, “थे क्यामी घबरा रया हो थानै मेरै पर भरोसो कोनी हो के? कै मैं थानै बचा कोनी सकूं।”
41
सारा चेला घबराग्या अर आपसरी में अचंभो करण लागग्या कै ओ हिस्यो कुण आदमी है झिकै गो केणो आंधी अर लेहरा मानै।
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