bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bagri
/
Bagri Bible
/
Romans 14
Romans 14
Bagri Bible
← Chapter 13
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 15 →
1
हे भाईयो अर भेनों जे थारै सागै आळा में किंगोई बिस्वास कम है तो बानै आपगै सागै मिला ल्यो। बांगै भेदभाव गै बारै में कोई बी बात ना करो।
2
केई इंया मानै है कै बे सारी तरियां गी खाण आळी चिजां खावंता हा। पण बिस्वास में कमजोर लोग एकली सब्जी ई खावै है।
3
सारी चीज खाण आळा लोग दूसरा नै झिका एकली सब्जी खावै बाऊं आपनै मोटो ना समझो। झिका एकली सब्जी खावै है बे दूसरा नै बुरा ना केवै। क्यूंकै आं दोना लोगां नै परमेसर ई स्वीकार करयो है।
4
आपणा हरेक बेली परमेसर गा सेवक लोग है। ईंखातर दूसरां गै सेवकां पर दोस लगाणो आपणो हक कोनी है। बे झिको गळत या सई करै है बांगो फेंसलो करण आळो परमेसर है झिको बांगो मालिक है। सई काम करण खातर प्रभु बां लोगां नै खड़या कर सकै।
5
केई लोग कीं दिना नै दूसरा दिना ऊं खास मानै है। पण केई लोग हरेक दिना नै खास मानै है। ईंखातर हरेक आदमी नै आपगै सोच बिचार में पक्को रेणो चईयै।
6
झिका लोग कीं दिना नै दूसरै दिना ऊं खास मानै है बे लोग प्रभु गो आदर मान करै है। बिंयाई झिका लोग सारी तरियां गी चीज खावै है बे लोग बी प्रभु नै आदर मान देण खातर खावै है। इंगै द्वारा बे लोग परमेसर गो धन्यवाद बी करै। झिका लोग एकली सब्जी खावै बे लोग ईंखातर खावै है कै प्रभु नै आदर मिलै अर परमेसर गो धन्यवाद बी होवै।
7
आपां झिका प्रभु में हां, आपां लोग आपणै खातर कोनी जींया पण प्रभु खातर जींया हां अर आपणै खातर कोनी मरां पण प्रभु खातर मरां हां। ईंखातर आपां जींया या मरा आपां प्रभु गा ई हां।
9
ईं कारण मसी मरग्यो अर जी उठयो हो झिका लोग अब जीयै है अर पेलां मरग्या हा, बां सारां गो प्रभु बोई है।
10
ईंखातर दूसरा झिका बिस्वास में है बां पर दोस ना लगावो अर बानै आप ऊं छोटा ना समझो क्यूंकै आपां सारा नै एक दिन परमेसर गै सामै न्याय खातर खड़यो होणो ई पड़सी।
11
पवितर सासतर में इंया लिखेड़ो है, “प्रभु केवै है, मैं जींवंतो परमेसर हूं। ईंखातर सारा नै मेरै सामै झुकणो ई पड़ैगो अर सारी मिनख जाती परमेसर नै मान ल्यैगी।”
12
ईंखातर आपां सारा नै आपगै कामा गो लेखो परमेसर नै देणो ई पड़सी।
13
ईंखातर आपां कदी बी किंगैई उपर दोस ना लगावां अर आपणै बिस्वासी भाई भेनां गो बिस्वास कम होण आळा अर पाप करण आळा कोई बी काम आपां ना करां।
14
प्रभु यीसू मसी मनै साफ रीति ऊं समझायो कै हर खाण आळी चीज, खाण खातर आच्छी है पण जे कोई मिनख कीं खाण गी चीज नै आच्छी ना समझै तो बिंगै खातर बा आच्छी कोनी।
15
जे थारै बिस्वासी भाई भेन नै थे आपगी खाण गी चिजां ऊं बिस्वास में कमजोर करो हो तो थे बानै सई रीति ऊं प्रेम कोनी करो। ईंखातर थारै खाण गी चीज गै द्वारा कोई भाई भेन नै बिस्वास में लारै ना हटण दैयो क्यूंकै बांगै खातर बी मसी आपगी जान दी।
16
ईंखातर झिको काम तूं करै है तनै आच्छो लागै है पण दूसरा नै कोजो लागै है तो तूं बो काम ना कर।
17
परमेसर गै राज में खाणै पीणै गो कोई मतलब कोनी। बिंगो राज इंया होवै है कै झिका लोग परमेसर गी नजर में आच्छो जीवन जीवै है अर सांती ऊं अर झिकी खुसी पवितर आत्मा ऊं मिलै है।
18
जे कोई ईं रीति ऊं मसी गी सेवा करै है तो परमेसर बिं पर खुस हो'सी अर लोग बिनै आदर मान बी देसी।
19
ईंखातर आपणो जीवन दूसरै गै जीवन में सांती देण गो कारण बणज्यै अर जिंऊं दूसरै लोगां गो बिस्वास पक्को होण में बी मदद मिलज्यै।
20
थारै खाणै पीणै ऊं परमेसर गै काम नै ना बिगाड़ो। हर एक चीज खाण खातर सुद्ध है। पण जे थारै खाण गी चीज ऊं दूसरा लोग पाप में पड़ज्यै तो हिसी चीज ना खाओ।
21
अर जे तेरै खाणै पीणै या कोई दूसरो काम करण ऊं तेरा बिस्वासी भाई भेन बिस्वास में हटै तो तूं इंया ना कर।
22
आं बातां गै बारै में तूं किंया बिस्वास राखै आ बात किनैई बताण गी जरूरत कोनी। आ बात तेरै अर परमेसर गै बिचाळै रेण दे। झिका लोग आपगी नजर में झिको काम आच्छो समझै है अर बिं काम नै बुरो कोनी मानै तो बां लोगां नै आसिस मिलैगी।
23
पण जे कोई आदमी आपगै मन में बेम राखगे खावै है तो बो पाप करै है। बे लोग बिना बिस्वास ऊं इंया करै है। ईंखातर बे परमेसर गी सजा गै लायक बण चुक्या है। झिको कीं बिस्वास ऊं कोनी, बो पाप है।
← Chapter 13
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 15 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16