bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bhilali
/
Bhilali (भगवानेन छाचला बुल)
/
1 John 5
1 John 5
Bhilali (भगवानेन छाचला बुल)
← Chapter 4
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
1
जु कुय भुरसु करे की ईसुत मसी छे, चु भगवान अवल्यात बण जाय ने जु कुय पयदा करने वाळा सी परम राखे, चु हेरसी बी परम राखे, जु हेरसी पयदा हयु।
2
जत्यार हामु भगवान सी परम राखजे, ने हेरा हुकुम काजे मांजे, ती हेरसी हामु ज्य जाणी लेजे, की हामु भगवानेन अवल्यात सी परम राखजे।
3
काहाकी भगवानेन परम ज्य छे, की हामु हेरा हुकुम काजे मानजे; ने हेरा हुकुम भारो नी लागे।
4
काहाकी ज्य काय भगवान सी पयदा हयो, चो कळी सी जीत हात कर लेदा, ने ची जीत तीनाक कळी पर जीत हात हवे ज्य हामरु भुरसु छे।
5
कळी पर जीत हात करने वाळो कुण छे? सीरप चु तेरु भुरसु छे, की ईसु, भगवानेन पुर्यु छे।
6
ज्य हयुत छे, जु पाणी ने लुहीन साहरे आवलु हतलु; मतलब ईसु मसी चु नी सीरप पाणीन साहरे, बाकुन पाणी ने लुही दुयुन साहरे आवलु हतलु। ने जी आत्मा छे ज्य गवाय देय, काहाकी आत्मा छाचली छे।
7
ने असा करीन गवाय देणेवाळा तीन छे।
8
आत्मा, पाणी ने लुही; ने तीनु एकुत वात पर मुजगी छे।
9
जत्यार हामु माणसेन गवाय मानी लेजे, ती भगवानेन गवाय ते हेरसी अदीन छे; ने भगवानेन गवाय जी छे, की हयु आपणा पुर्यान बारामां गवाय देजे।
10
चु भगवानेन पुर्या पर भुरसु करे, चु आपणेत मां गवाय काजे मान लेदलु छे; बाकुन चु भगवान पर भुरसु नी कर्यु, हयु तीनाक झुटु बणायु; काहाकी हयु तीना गवाय देण्या पर भुरसु नी कर्यु, जु भगवान आपणा पुर्यान बारामां आपलु छे।
11
ने ची गवाय जी छे, की भगवान हामुक जलमेन जीवाय आपलु छे, ने ज्य जीवाय हेरा पुर्या मां छे।
12
तेरे धड़े पुर्यु छे, तेरे धड़े जीवन छे; ने जेरे धड़े भगवानेन पुर्यु नी हय, हेरे धड़े जीवन बी नी हय।
13
मे तुहुंक, जे भगवानेन पुर्यान नाव पर भुरसु करो, हेरसी लिख्यु की तुहुं जाणु की जलमेन जीवन तुंद्रु छे।
14
ने हामरु हीना भगवान पर हिम्मत छे की कदी हामु हेरी मरजीन अनसारे काय बी मांगजे, ती चु हामरी सामळे।
15
ने जत्यार हामु जाणजे, की ज्य काय बी हामु मांगजे चु हामरी सामळे, ती ज्य बी जाणजे, की ज्य काय हामु हेरसी मांगजे, च जड़लो छे।
16
कदी कुय आपणा भायस ने बहण्स्या काजे असु पाप करतेलु देखे, तेरो फळ मरनु नी हवे, ती लीलघाये, ने भगवान हीनाक हींद्रे वाटे, जु असु पाप कर्यु जेरो फळ मरनु नी हवे, जीवन आपसे। पाप असु बी हवे तेरो फळ मरनु हवे हेरे बारामां मे लीलघायणे वाटे नी कवो।
17
आखी भातीन भुंडा काम ते पाप छे, बाकुन असु पाप बी रवे, जु पाप जीव-आत्मान मुत भीणी नी ली जाय। असला पापेन माफी वाटे दुवा करनु भगवानेन मरजी छे।
18
हामु जाणजे, की जु कुय भगवान सी पयदा हयु, चु पाप नी करे; बाकुन जु भगवान सी पयदा हयु, हीनाक चु बचाड़ीन राखे, ने चु भुतड़ु हीनाक धरी नी सके।
19
हामु जाणजे, की हामु भगवान सी छे, ने आखी कळी हीना भुतड़ान हक मां पड़ रय।
20
ने ज्य बी जाणजे, की भगवानेन पुर्यु आय गुयु ने हयु हामुक अक्कल आपलु छे, की हामु हीना छाचला काजे उळखजे, ने हामु हेरेमां ज्य छाचलीन छे, मतलब हेरा पुर्या ईसु मसी मां रवजे। छाचलु भगवान ने जलमेन जीवन हयुत छे।
21
ए पुर्या, आपणे आप काजे मुरत्या सी बचाड़ु।
← Chapter 4
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
All chapters:
1
2
3
4
5