bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bundeli
/
Bundeli
/
Hebrews 13
Hebrews 13
Bundeli
← Chapter 12
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
1
एक दूजे की खबर राखो।
2
कोऊ बाहर से आबै तो अपने घर में रोटी खिलाईयो, कायसे ऐसो करके कछु जन ने बिना जाने सरगदूतन हां खिलाओ आय।
3
जौन जेहल में आय, उनको ध्यान रखियो जौ मानके कि तुमई जेहल में आव; जीके संग्गै बुरओ होबे उनकी सोई चिन्ता करियो, जौ सोच के तुम उन के संग्गै आव।
4
ब्याव हां आदर की बात सोचो, और ब्याव में अपनी संग्गी हां धोखो न दईयो; कायसे एक दिना परमेसुर परतिरिया संगत करबेवारन को न्याय कर हैं।
5
रुपईया पईसा को लालच न करियो, और जो कछु तुम लौ आय, ऊ पै सन्तोष करियो; कायसे पिरभू ने कई आय, कि बे तुम हां कभऊं न छोड़ है।
6
तुम हां सोई ऐसो कहो चईये, परमेसुर मोरी मदद कर है; मैं काय हां डरों, मान्स मोरो कछु नईं बिगाड़ सकत।
7
अपने गुरू जन हां जीने तुम हां परमेसुर की कथा सुनाई, उन हां न बिसराईयो; और ध्यान धरियो कि उन को जीवन कैसो हतो और उनके बिसवास की बातन हां पकड़े रहियो।
8
यीशु मसीह बदलत नईंयां, बे जैसे कल हते सो आज सोई आंय, और कल ऊंसई बने रै हैं।
9
दूसरे परचार की बातन से नईं बिलुरियो, और अपने मन हां पक्को बनाए रखियो, खाबे की बस्तन पै भौत ध्यान न धरियो, कायसे खाबे से जादा कछु नईं होत।
10
हमाई एक बेदी आय, जीसे खाबे को अधकार उन हां लौ नईंयां, जौन वेदी की सेवा करत आंय।
11
कायसे जिन जानवरन को रकत महायाजक पाप बलि के काजें भीतरे ले जात आंय, ऊ जानवर की देह हां जिते मान्स रैत आंय, ऊके बायरें बार दईयो।
12
ऐई से पिरभू यीशु मसीह ने मान्सन हां अपने रकत से साजो करबे हां गांव के बायरें क्रूस पै दुख उठाओ।
13
सो आओ, अपन यीशु मसीह लौ बायरें चलें कि उनके अपमान में उनके संग्गै रैबें।
14
कायसे संसार में कोई ऐसी नगरी नईंयां, जौन हमेसा लौ बनी रै है हम तो ऊं सई नगर की राह तकें बैठे आंय।
15
सो हम परमेसुर के गुनगान, यीशु मसीह के नाओं से चढात रएं।
16
भलो करबो, और दया करबो न छोड़ियो, कायसे ऐसे काम से परमेसुर खुस रैत आय।
17
अपने गुरु जनों की मानो बे तुमाए जीवन हां तकें रैत आंय; कायसे बे परमेसुर हां तुमाए लाने लेखो दै हैं, बे जो काज खुसी से करें, बोझो न समझें, कायसे ऐसी सेवा से तुम हां कोई फायदा न हुईये।
18
हमाए काजें बिन्तवारी करत रईयो, हमाओ जी ठीक ठाक आय; और हम अपने जीवन में अच्छो रहो चाहत आंय।
19
मैं तुम हां जौ सोई कहो चाहत आंव, कि बिन्तवारी करो कि मैं फिन के तुम लौ आके भेंट करों।
20
परमेसुर जौन सान्ति देबेवारे आंय, जिन ने हमाए पिरभू यीशु मसीह हां जौन गाड़र के बड़े रखनवारे आंय, अपने रकत से अपने लोगन हां पाप की मौज से बचाओ।
21
बे तुम हां उनकी अज्ञा मानबे और जौन अच्छो होबे, ऊहां करबे को मन हमाए भीतरे बनाबे, कि उनको मान सम्मान होत रैबे। आमीन।
22
भईया हरौ, मैं तुम से बिन्तवाई करत आंव, कि जौन बातें मैंने तुम हां लिखी आंय उन पै ध्यान धरियो।
23
तुम हां पता चलो हुईये हमाओ भईया तीमुथियुस जेहल से छूट गओ आय, बो इते समय पै आ गओ, तो मैं ऊहां लैके तुम लौ आहों।
24
अपने सबरे गुरु जनों और सबरे बिसवासियन हां नमस्कार कईयो, इतालियावारे तुम हां नमस्कार कैत आंय।
25
मोरी जा बिन्ती आय कि परमेसुर तुम सबन पै दया करे। आमीन।
← Chapter 12
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13