bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Bundeli
/
Bundeli
/
Philippians 3
Philippians 3
Bundeli
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 4 →
1
सो भईया हरौ, पिरभू में सुखी रओ: जे बातें तुम हां लिखे से मोहां कछु नईंयां, जे बातें तुमाए भले को आंय।
2
उन कुत्तन से संभले रईयो, उन बुरय काम करबेवारन से बच के रईयो, जौन काट कूट करत आंय उनसे बचियो।
3
कायसे हमाओ खतना भओ, हम परमेसुर की आत्मा मैं होकें ध्यान करत आंय, और पिरभू की जय मानत आंय अपनी नईं।
4
मैं तो अपनी देह पै घमण्ड कर सकत आंव, अगर कोई ऐसो सोचे तो मैं उनसे बढ़के रख सकत आंव।
5
कायसे आठें दिना मोरो खतना भओ, इस्राएल के वंस, और बिन्यामीन के गोत्र को हतो; और मूसा के नैम हां फरीसी मान्सन घांई जैसो मानत हतो।
6
मोरी लगन ऐसी हती कि मण्डली के मान्सन हां मारत हतो; और मूसा के नैम मानबे में पक्को हतो।
7
परन्त जे बातें जौन मोरी बड़वाई की हतीं, उन हां मैंने पिरभू यीशु मसीह हां मानबे पै मैंने छोड़ दईं।
8
और पिरभू के जस और मान की बड़ी बातन हां पाके मैंने और सबरी बातन हां छोड़ दओ, पिरभू हां पाके मैंने दूसरी सबरी बातें छोड़ दईं, बे मोरे लाने कूड़ा घांई आंय।
9
और पिरभू की बातन में बनो रओ; और मूसा के नैम से जौन बड़वाई मिलत आय, ऊहां छोड़ के जौन बातें पिरभू पै बिसवास करे से मिलत आंय, उन में पक्को रओ।
10
मैं पिरभू यीशु मसीह हां और उनके मरे भयन में से जी उठबे के जस हां जानो चाहत आंव, और क्रूस पै जौन पीड़ा उन ने सही ऊहां समझन चाहत आंव, और उनके मरबे जैसो मैं सोई हो जाओं।
11
कि मैं सोई ऊंसई जी उठों, जैसे मसीह मरे भयन में से जी उठे हते।
12
ऐसो नईंयां कि मोहां जौ सब मिल गओ आय, और मैं पूरो साजो हो गओ आंव; परन्त मैं ओई जैसो होबे भगत जात आंव, जी के लाने पिरभू यीशु मसीह ने पकड़ो आय।
13
भईया हरौ, मैं अबै लौ जो सब नईं पाओ हों, परन्त एक काम करत आंव, कि जो बातें पाछें छूट गईं, उन हां बिसर के आगे की बातन हां पाबें हां बढ़ो जात आंव।
14
मैं आगे हां निसाने पै पहुंचबे हां बढ़ो चलो जात आंव, कि ऊ इनाम पाओं, जीके काजें पिरभू ने मोहां बुलाओ आय कि मोहां सरग पौचाबे।
15
सो सबरे जनें जौन पक्के हो गए आंय, तो बे ऐसई सोचें, अगर तुमाओ कोऊ और भी विचार होबे तो परमेसुर बा बात सोई तुम हां उजागर कर दै है।
16
सो जौन हम ने पाओ आय, ऊं सई काम करें।
17
भईया हरौ, तुम सबरे जनें मोरे घांई चलो, और उन हां देखो, जौन हमाए जैसी चाल चलत आंय।
18
कायसे बिलात जनें ऐसी चाल चलत आंय, जिन के लाने मैंने बेर बेर तुम से कई आय, और अब तो ऐसो कह के रोत आंव, कि बिलात जनें ऐसे चलत आंय मानो क्रूस के बैरी होबें।
19
उन हां एक दिना खतम हो जाने आय, उनको पेट उन कौ ईसुर आय, और जिन बातन से सरम आओ चईये उनईं पै बे गरब करत आंय, उनको मन संसार की बस्तन पै लगो रैत आय।
20
हमाए रैबे की जांगा सरग में आय; और हम अपने तारन करबेवारे यीशु मसीह की उते से आबे की गैल तकें आंय।
21
जौन अपने बल से सबरी बस्तन हां अपने बस में कर सकत आय, हमाई ई देह को रूप बदल के, उनकी देह जैसो बना दें हैं।
← Chapter 2
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 4 →
All chapters:
1
2
3
4