bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Braj
/
Braj (बृज भासा)
/
1 Timothy 5
1 Timothy 5
Braj (बृज भासा)
← Chapter 4
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 6 →
1
बड़े-बूढ़ेन कूं फटकारते भये मत समझावै, पर बिनके संग पिता के जैसौ और जबानन के संग भईयान जैसौ व्यवहार कर।
2
बड़ी-बूढ़ी औरतन कूं माता जानिकें और जबान औरतन कूं पूरी सुद्धता के संग बहन समझकें व्यवहार कर।
3
बिन बिधबान कौ आदर कर, जिनकी देख-भाल करबे बारौ कोई नांय।
4
पर बिन बिधबान के बालक या नाती पोते होमें तौ बे बालक और नाती पोतेन नें चहिऐ कै बू अपने घराने में भक्ती के संग बरताब करें, और बे अपने मां-बापन की सेबा करके अपने पालन पोसन को बदलो चुकामें चौंकि परमेस्वर जेई चाहबै।
5
बे औरत जो हकीकत में बिधबाएं हैं जिनकौ कोई नांय, बे परमेस्वर पै आसा रखें और रात-दिन पिराथना में लगी रैहमें और परमेस्वर ते मदत मांगें।
6
पर जो बिधबा भोग-बिलास में पड़ गई है बे जीते जी मर गई है।
7
तू सब लोगन कूं जिन बातन नें बता जाते बिनपै कोई दोस ना लग पावें।
8
अगर कोई अपने घराने की और अपने परिबार की देखभाल नां करै, बानें अपनों भरोसौ खो दियौ है और बू बिनतेऊ बुरौ है जो परमेस्वर पै भरोसौ नां करें।
9
केबल बई बिधबा कौ नाम सहायता की सूची में लिखौ जाबे जाकी उमर साठ साल ते कम ना होय और बू एक ही आदमी की पत्नी रही हो
10
और अच्छे कामन में बाको नाम रहो होय, जानै अपने बालकन को पालन पोसन अच्छी तरैह ते करौ होय, जानें अनजान लोगन की और परमेस्वर के पबित्र लोगन कि अपने घर में सेबा करी हो और दुखियान की सहायता करी होय और हर भले काम में मन लगायौ होय।
11
पर जबान बिधबान कौ नाम सहायता सूची में नां लिखौ जाबे। चौंकि बे भोग-बिलास में पर जामें और मसीह को बिरोध करकें ब्याह करबौ चाहमें
12
ऐसौ करकै बे अपने पहलै जैसौ भरोसौ छोड़कै पापी बन गई हैं।
13
और बे घर-घर घूमके अपनों समै खराब करतें इतनोई नांय बे बेकार में बक-बक करैं और दूसरेन के कामन में दखल दैमें।
14
जाके मारे मैं चाहूं कै जबान बिधबाएं ब्याह करें, मां बनें और अपने घर बार कूं संमारे जाते काऊ बिरोधीऐ बिनपै दोस लगाबे कौ मौकौ नां मिले,
15
चौंकि कछू जबान बिधबा तौ बहककै सैतान के पीछे चलबे लग गई है।
16
अगर काऊ बिसबासी औरत के परिबार में बिधबा होय तौ बाय चहिऐ कै बे बिनकी सहायता करें। जाते बे कलिसिया पै बौझ ना बनें और कलिसिया बिनई की सहायता करे जिन बिधबान की देख-भाल करबे बारौ कोई नांय।
17
जो कोई अगुवा के रूप में कलिसिया की अच्छी देख-भाल करै बे दुगने आदर के योग्य समझे जांये। खासतौर पै बे जो पिरचार करैं और वचन सिखाबे में मेहनत करैं।
18
चौंकि पबित्र सास्त्र में लिखौ भयौ है, “दाबबे बारे बैल के मौंह पै मुछीका मत लगाऔ” चौंकि “मजदूर अपनी मजदूरी को हकदार है।”
19
अगर कोई कलिसिया के मुखिया पै दोस लगाबै तौ वाकी दो तीन गबाहन के बिना मत सुनों।
20
पाप करवे बारेन कूं सबन के सामने फटकार जाते औरऊ लोग पाप करवे ते डरैं।
21
परमेस्वर और ईसू मसीह और चुने भये सुरग दूतन कूं मौजूद जानिके मैं तोय जि चेताबनी दै रयौ हूं, कै तू अपने मनें खोल के इन बातनें माने कर और कोई काम भेद भाव के संग मत करै।
22
आदमी के सर पै बिना सोचे समझे जल्दी बाजी में हात रखकै बाय परमेस्वर की सेबा में मत दे देना। दूसरेन के पापन में हिस्सेदार मत बनियों और अपने आप कूं सुद्ध बनांये रख।
23
केवल पानी पीवे बारौ मत रैहबै, पर अपने पैट के बार-बार बीमार हैबे के मारे थोड़ो थोड़ो अंगूर कौ रस पीलै कर।
24
कछू आदमिन कै पाप सामने दिखाई दैमें बिनके अनुसारई बिनकौ न्याय हैबै और कछुन के पाप पीछे ते दिखाई दैमें।
25
ऐसेंई भले कामऊ सामईं दिखाई दैमें, पर जो भले काम दिखाई ना दैमें बेऊ छिप नां सकें।
← Chapter 4
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 6 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6