bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Braj
/
Braj (बृज भासा)
/
Acts 15
Acts 15
Braj (बृज भासा)
← Chapter 14
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 16 →
1
कछु लोग यहुदिया पिरदेस ते अन्ताकिया में आयकें भरोसौ करबे बारे भईयन कूं परमेस्वर के वचन की सिछा देबे लगे कै, “तुमारौ मूसा की व्यबस्था के अनुसार खतना नांय हैबैगौ तब तक तुमारौ उद्धार नांय है सकत।”
2
पौलुस और बरनबास बिनकी जा बात ते सहमत नांय हते, जा बजैह ते बिनके बीच में बाद-बिबाद पैदा है गयौ। जा बात के समाधान काजै पौलुस और बरनबास और वाके कछू संगीन कूं भेजे भये चेलान और कलिसिया के अगुवन जौरे येरूसलेम भेजबे कौ निस्चय करौ गयौ।
3
अन्ताकिया की कलिसिया नें बिनें बिदा करौ। बे फिनीके और सामरिया ते हैकें, गैर यहुदियन कूं पापन ते मन फिरायबे कौ सुभ समाचार सुनाबत भये गये। जा समाचार ने सब भरोसौ करबे बारे भईयन कूं बड़ौ खुस करौ।
4
और जब पौलुस और बरनबास येरूसलेम में पौंहचे तौ भरोसौ करबे बारे और भेजे भये चेला और कलिसिया के अगुवे बिनते बड़े आनन्द के संग मिले और बिनें बतायौ कै, बिनके संग परमेस्वर कैसे कैसे काम करै।
5
पर फरीसी के दल के कछू भरोसौ करबे बारे खड़े भये और बोले कै, “गैर यहुदिन कूं खतना करायबे और मूसा की व्यबस्था मानबे की आग्या देनी चहिऐं।”
6
तब जा बात पै बिचार करबे काजै कलिसिया के अगुवे और भेजे भये चेला इकठ्ठे भये।
7
जा बात पै भौत बिचार करबे के बाद पतरस खड़ौ भयौ और बिनते बोलौ, “हे भईयाओ, तुम जानतौ कै, भौत समै पैहले तुम में ते मोय परमेस्वर ने गैर यहुदी लोगन कूं वचन सुनांयबे काजै चुनों हतो कै, लोग सुभ समाचार सुनें और भरोसौ करै।
8
और हमारे मन कूं जांचबे बारे परमेस्वर ने हमारेई समान उन्नेंऊ पबित्र आतमा कौ वरदान दैकै, उनके सम्बन्ध में अपनों समरथन दिखायौ।
9
परमेस्वर ने भरोसे के द्वारा बिनके मन कूं पबित्र करकें हमारे और उनके बीच में कोई भेद भाव नांय करौ।
10
जामारै भरोसौ करबे बारे गैर यहुदिन के कन्धा पै ऐसौ जूआ लाध दयो, जाय हम और हमारे पुरखा नांय उठाय सकते। तुम लोग परमेस्वर कूं झमेला में चौं डारतो?
11
पर हमारौ तौ जेई भरोसौऐ कै पिरभू ईसू की किरपा के द्वारा जैसे हमारौ उद्धार भयौए, बैसेई हमें भरोसौ है कै उनकौऊ उद्धार होगौ।”
12
जा बात पै सभा के सबरे लोग चुप हैकै बरनबास और पौलुस की बात सुनबे लगे। बे बिन बड़े चिन्न और अचरज के कामन के बारे में बताय रये हते, जो परमेस्वर नें बिनके द्वारा गैर यहुदियन के बीच में कराये हते।
13
जब बे बोल चुके, तब याकूब कैहबे लगौ, “हे भईयाओ, मेरी सुनों।
14
सिमौन नें हमें बताई हती कै, परमेस्वर अपने नाम काजै गैर यहुदियन में ते कछू लोगन कूं चुनकें उनते सबते पैहले अपनों पिरेम पिरगट करौ हतो।
15
परमेस्वर की ओर ते बात बतायबे बारेन नेंऊ इन बातन कौ समरथन करकै लिखौ है,
16
“ ‘मैं जाके बाद फिर आऊंगो। और खुद दाऊद के गिरे भये घर कूं फिर उठाऊंगौ और टूटे भये खन्डरन कूं दुबारा बनांऊंगौ और बिन्नें समारूंगो।
17
ताके बे जो बचे भये लोग और गैर यहुदी सब लोग अब मेरे कहलाये जातै, बे पिरभू कूं ढ़ूढ़बे में लगे रहे।’
18
‘इन बातन्नें बुई पिरभू कैहतै, जौ युग-युग ते इन बातन कूं पिरगट करतौ रहौऐ।’
19
“जामारै मेरौ बिचार जि है कै, गैर यहुदियन मेंते जो परमेस्वर की ओर फिर रयेऐं, उन्नें सतानों नांय चहिऐं।
20
पर उनके काजै हमें जि लिखकै भेजनी चहिऐं कै, बे मूरतीन के आगे चढ़ाई भई चीज नांय खानी चहिऐं, और व्यभिचार नांय करनों चहिऐं और गले घोंटके मारे भये पसुन कौ मांस नांय खानों चहिऐं और न खून खानों चहिऐं।
21
चौंकि पुराने समै तेई नगर नगर में मूसा की व्यबस्था कौ पिरचार करबे बारे हते। और आराम के दिनन में व्यबस्था की किताब हमारे सब पिराथना घरन में पढ़कै सुनाई जात हती।”
22
भेजे भये चेलान और कलिसिया के अगुवन नें सब भरोसौ करबे बारेन के संग जि निस्चय करौ कै, उनयी में ते कछू लोगन कूं चुनकें पौलुस और बरनबास के संग अन्ताकिया भेजौ जाय। उन्नें बरसब्बा कैहबे बारे यहूदा और सीलास कूं चुनों, बे सब भरोसौ करबे बारे भईयन में पिरमुख हते।
23
बिन्नें बिनके हात में जि चिठ्ठी लिखकै भेजी कै, अन्ताकिया, सीरीया और किलकिया में रैहबे बारे, उन सबरे गैर यहुदी भईयन कै काजै, तुमारे भरोसे में भईयन, अगुबो और भेजे भये चेलान की ओर ते नमस्कार।
24
“हमनें सुनीऐ के हमारे य्हांके लोगन हमनें जिन लोगन कूं कोई अधिकार नांय दियौ हतो, बिन्नें अपनी बातन ते तुम लोगन में घबराहट पैदा कर दयीऐ। और तुमारे मन कूं उलझन में डर दयौए।
25
जामारै हम सब ने एक मन हैकें जि निस्चय करौए कै अपने प्यारे पौलुस और बरनबास के संग चुनकै कछु लोगन कूं तुमारे जौरे भेजे।
26
जे बेई लोग हैं जिन्ने हमारे पिरभू ईसू मसीह कौ सुभ समाचार सुनांयबे काजै अपनी जान जोखिम में डार दयी हती।
27
हम यहूदा और सीलास कूं तुमारे जौरे भेज रये हैं। बे तुमें इन सबरी बातन कूं बतामिंगे।
28
पबित्र आतमा कूं और हमैंऊ जि ठीक लगौ के जो बात सही और जरूरीये इन बातन कूं छोड़कै तुम पै कोई बोझ नांय डारौ जाबे।
29
मूरतीन के आगे चढ़ाई भई चीज नांय खानी चहिऐं, और व्यभिचार नांय करनों चहिऐं और गले घोंटके मारे भये पसुन कौ मांस नांय खानों चहिऐं और न खून खानों चहिऐं। तुम अपने आपकूं इन बातनते बचायकै रखौगे तौ तुमारौ कल्यान होगो।”
30
बे मांते बिदा हैके अन्ताकिया पौहचे। मांपै उन सब भरोसौ करबे बारे भईयन कूं इकठ्ठौ करकें जि चिठ्ठी दयी।
31
बे सब चिठ्ठी में लिखी भयी बातन कूं पढ़कै भौत खुस भये।
32
यहूदा और सीलास जो खुदई परमेस्वर की ओर ते बात बतायबे बारे हते, भौत देर तक भरोसौ करबे बारे भईयन कूं परमेस्वर के वचन की सिछा दैकें, बिनें हिम्मत दयी और उनैं भरोसे में मजबूत करौ।
33
कछू दिना और मापै रुकबे के बाद भरोसौ करबे बारे भईयन ने उनकूं सान्ती के संग बिदा करौ, और उन लोगन के जौरे बापिस लौटे जिन्ने उने भेजौ हतो।
34
पर सीलास कूं मापै रैहबौ अच्छौ लगौ।
35
पौलुस और बरनबास अन्ताकिया में ही रैह गये और दूसरे भौत ते लोगन के संग पिरभू के वचन की सिछा देत भये सुभ समाचार कौ पिरचार करते रहे।
36
कछु दिनन के बाद पौलुस ने बरनबास ते कही, “आऔ, हम उन नगर में फिरते चलें ज्हां हमनें पिरभू के वचन कौ पिरचार करो, और भरोसौ करबे बारे भईयन के बीच में जायके उनते मुलाकात करें कै, बे कैसे हैं।”
37
बरनबास तौ चाहतौ के बू यूहन्ना कूंअऊं जौ मरकुस कहौ जाबतौ बाय अपने संग लै जाबै।
38
पर पौलुस कौ जि बिचार हतो कै, “जब हम पंफूलिया में हते तब उनते अलग है गयौ और पिरभू के काम में मेरौ हात नांय बटायौ।” जा बजैह ते जाय संग लै जायबौ ठीक नांय।
39
जा बात ते इन दोनोंन में आपस में मत-भेद है गयौ। बे अलग अलग है गये और बरनबास मरकुस कूं अपने संग लैके जहाज में बैठकै साइप्रस कूं चल गयौ।
40
पौलुस ने सीलास कूं चुन लियौ और भरोसौ करबे बारे भईयन नें बिनें पिरभू के अनुग्रह में सौंप दियौ और बे मांते चले गये।
41
बे सीरीया और किलकिया में घूमत भये कलिसिया कूं धीरज बंधायौ और भरोसे में मजबूत करतौ रहौ।
← Chapter 14
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 16 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28