bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Braj
/
Braj (बृज भासा)
/
James 2
James 2
Braj (बृज भासा)
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 3 →
1
हे मेरे भईयाओ, हमारे महिमावान पिरभू ईसू मसीह में बिसबासी भईयाओ भेद भाव बारौ बौहार मत करौ।
2
तुमारी संगती में अगर धनी आदमी अच्छे कपड़ा और सौने चांदी के गहने पहरकें आमें तौ तुम बाय ऊंची जगैहन पै बैठामें, और कोई गरीब आदमी मैले कुचैले कपड़ा पहरकें आबै तौ तुम बाय नीची जगैन पै बैठामें और तुम मौंह देखौ भिबार करतौ।
4
ऐसौ करकें तुमने भेद भाव बारौ काम करौऐ। जितौ न्याय नांय।
5
हे मेरे प्यारे भईयाओ सुनो। का परमेस्वर ने संसार के गरीब और लाचार लोगन कूं नांय चुनों कै बेऊ भरोसे में धनी है जाय और परमेस्वर ने जो बादौ करौ है कै जो कोई मोते पिरेम करैगौ बे राज में घुस पांगे।
6
का तुम बिन गरीबन कौ अपमान नांय कर रये? का धनी लोग तुम पै अत्याचार नांय करें? का बे धनी आदमी तुमें घसीट-घसीटकै कचैरिन में नां लै जाय रये है?
7
का बे बा उत्तम नाम की निन्दा नांय करें, जा नाम ते तुम जानें जामें?
8
तौऊ तुम अगर अपने परौसी ते पिरेम कर रये है तौ परमेस्वर की राज व्यबस्था कूं पूरौ कर रये हैं, कै “तू अपने परौसी ते अपने समान पिरेम कर।” तौ तुम सही कर रयेऔ।
9
अगर तुम भेद भाव कर रयेऔ तौ तुम पाप कर रयेओ और तुम परमेस्वर की व्यबस्था कूं तोर रयेऔ जा बजैह ते तुम दोसी हो।
10
जो कोई सबरी व्यबस्था कूं माने और एक बात में चूक जाबै तौ बू सबरी व्यबस्था कौ दोसी है।
11
चौंकि बानें कही हती, “तू व्यभिचार मत करियो” और बानें जेऊ कही, “तू हत्या मत करियौ।” अगर तुम व्यभिचार नां करौ और हत्या करौ तौ तुम व्यबस्था कूं तोरबे बारेऔ।
12
तुम बिनईं लोगन की तरैह ते बोलौ और बिन जैसौई भिबार करौ जिनकौ न्याय परमेस्वर की व्यबस्था के अनुसारई होनौएं, जाते छुटकारौ मिलै।
13
चौंकि जिन्ने दया नांय करी, वाके काजै परमेस्वर कौ न्याय बिना दया केई होगौ। पर दया हमें पाप की सजा ते बचाबै।
14
हे मेरे भईयाओ, अगर कोई कहबै कै मैं भरोसौ करुं तौ जाते का फायदा जब तक वाके काम भरोसे लायक नांय होंय? ऐसे भरोसे ते का वाकौ उद्धार है सकै?
15
मान लेओ अगर काउ भईया और बहिन के जौरें खायबे और पैहरबे कूं नांय होय,
16
और तुम बाते कहमें कै, “खुसी ते जाओ, गरम कपड़ा पैहनों और पेट भरकै भोजन करौ” और तुम बिनें देह के काजै जरूरत की चीज ना देओ तौ का फायदा?
17
जा तरैह ते भरोसे के संग काम नांय होय तौ ऐसौ भरोसौ मरे भये के समानैं।
18
कोई कह सके के, “तोय भरोसौए और मैं काम करुं।” तू अपनों भरोसौ मोय बिना काम करे दिखाबै और मैं तोय अपनों भरोसौ अपने काम के द्वारा दिखाऊंगौ।
19
का तुम भरोसौ करैं कै परमेस्वर एकईए। तौ तुम अच्छौ करैं। दुस्ट आतमाऊ तौ जि भरोसौ करैं कै परमेस्वर है, और थर थर कांपें।
20
अरे मूर्खो, तुम्हें जाकौ सबूत चहिंयें कै काम के बिना भरोसौ बेकार है।
21
जब हमारे पिता अब्राहम नें भरोसे ते अपने बेटे इसहाक कूं बेदी पै चढ़ायौ तौ बू कामन तेई धरमी ठहरौ।
22
तैने देख लियो कै वाके भरोसे के कामन तेई पिरभाब डारै और काम तेई भरोसौ सिद्ध भयौ।
23
और पबित्र सास्त्र कौ जि वचन पूरौ भयौ “अब्राहम नें परमेस्वर पै भरोसौ करौ, और जि वाके काजै धरमी गिनौ गयौ।” और जाइते बू “परमेस्वर कौ मित्र” कहौ गयौ।
24
जामारैं तुमने देख लियौ आदमी भरोसे तेई नांय पर अपने कामन तेऊ धरमी ठहरै।
25
एसेई राहाब बैस्या नें जब दूतन कूं अपने घर में ठहरायौ और दूसरे रस्ता ते बिदा करौ तौ का बू अपने कामन ते धरमी नांय ठहरी?
26
जैसे आतमा के बिना देह मरी भई है बैसेई कामन के बिना भरोसौ मरौ भयौऐ।
← Chapter 1
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 3 →
All chapters:
1
2
3
4
5