bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Braj
/
Braj (बृज भासा)
/
Matthew 8
Matthew 8
Braj (बृज भासा)
← Chapter 7
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 9 →
1
जब ईसू पहाड़ पैते नीचे उतर रयौ हतो, तब वाके पीछे एक भौत बड़ी भीड़ चलबे लगी।
2
म्हांपै एक कोढ़ी आदमी हतो। बानें ईसू कूं झुककै नमस्कार करी और कही, “हे पिरभू तू चाहबे तौ मोय सुद्ध कर सकतै।”
3
तब ईसू ने अपनों हात बढ़ायकै कोढ़ी कूं छूऔ। और कही, “मैं चाहतूँ, तू सुद्ध है जा।” बू बाई समै सुद्ध है गयौ।
4
तब ईसू नें बाते कही, “देख तू जा बात कूं काऊ ते मत केहियो। पर अपने आप कूं यहुदी पुरोहित कूं दिखइयो और मूसा की ठहराई भई भेंट चढ़ा, जाते लोगन में तेरे ठीक हैबे की गबाही होबें।”
5
जब ईसू कफरनहूम आय रयौ हतो, तब एक सूबेदार ने जौरै आयकें ईसू ते बिनती करी,
6
“हे पिरभू! मेरौ सेबक घर मैं लकबा के रोग ते भौत परेसान है।”
7
तब ईसू ने कही, “मैं आयकें वाकूं ठीक करुंगौ।”
8
तब सूबेदार कैहबे लगौ, “हे पिरभू! मैं जा लायक नांऊ, कै तू मेरी छत के नीचे आवे। पर तू अपने मौंह ते कैह दै, तौ मेरौ सेबक ठीक है जाबैगौ।
9
चौंकि मैंऊ काऊ के नीचे काम करतूं और मेरे अधीन कछू सैनिक काम करतें। जब मैं एक ते कहूं, ‘जा’ तौ बू चलौ जाते, जब मैं दूसरे ते कहूं, ‘आ’ तौ बू आयबे लगतै। जब मैं अपने सेबक ते कहूं, कै ‘जाय कर’ तौ बू बाय करतै।”
10
जि सुनकें ईसूए अचम्भौ भयौ और वाके पीछे जितनी भीड़ आय रयी हती बाते कैहबे लगौ, “मैं तुमते सच कैह रयौऊं, मैने इसरायली लोगन मेंऊ ऐसौ भरोसौ नांय देखौ।
11
और मैं तुमते कैह रयौऊं, पूरब और पस्चिम ते भौत से लोग आयकै अब्राहम, इसहाक और याकूब के संग सुरग के राज में खाने काजै बेठिंगे।
12
जिन लोगन कूं पहले सुरग कौ राज मिलबे बारौ हतो, बिन लोगन कूं बाहर अंधेरे में डार दियौ जाबैगौ और बे लोग रोबिंगे और दाँत पीसिंगे।”
13
तब ईसू ने सूबेदार ते कही, “ ‘जा’ जैसो तेरो भरोसौ है बैसौई तेरे काजै होय।” और वाकौ सेबक बाई समै सही है गयौ।
14
जब ईसू ने पतरस के घर जायकें देखौ, कै पतरस की सास बुखार की बजैह ते खाट पै परीए।
15
तब ईसू ने पतरस की सास कौ हात छीयौ और वाकौ बुखार उतर गयौ और बू उठके बिनकी सेबा करबे लग गई।
16
और जब संझा भई तब भौत से लोग बीमार लोगन कूं और जिनमें दुस्ट आतमा हती बिनें वाके जौरै लाए। और ईसू ने अपने वचनन ते दुस्ट आतमा निकार दईं और बानें सब बिमारन कूं ठीक करौ।
17
परमेस्वर की ओर ते बात बतायबे बारे यसायाह कौ जि वचन पूरौ भयौ, “बानें हमारे रोगन कूं अपने ऊपर लै लियौ है, और बानें हमारी बीमारी सह लयीं।”
18
ईसू ने अपने चारौ लंग एक बड़ी देखकें चेलान कूं झील के पल्ली पार चलबे की आग्या दई।
19
तब एक सास्त्रन कूं सिखाबे बारे नें जौरै आयकै ईसू ते कही, “हे गुरू जहां तू जाबैगौ, मैं तेरे पीछे-पीछे चलूंगौ।”
20
जि सुनकें ईसू ने कही, “लोमड़िन के काजै तौ भाट और आकास के पंछीन काजै घोंसला होतैं, पर मैं, ‘मनुस्य के बेटा’ के काजै सिर ढकबे काजै कोई जगैह नांय।”
21
एक दूसरे चेला नें ईसू ते कही, “पिरभू पैहले मोय जायके मेरे पिता कूं घाड आन दै, तब मैं तेरे संग चलूंगो।”
22
तब ईसू नें बाते कही, “अब तू मेरे पीछे चल, बिन लोगन कूं अपने मुरदेन नें घाड़न देओ, जिन लोगन के जौरै कबऊ खतम हैबे बारौ जीबन नांय हत।”
23
जब ईसू नाव पै जायकें बैठौ तब वाके चेला वाके संग हते।
24
तब अचानक एक बड़ौ तूफान आयौ और नाव लहरन ते डूबबे लगी, पर ईसू नाव में सो रयौ हतो।
25
तब ईसू के चेला वाके जौरै जायके बाते कैहबे लगे, “हे पिरभू! हम डूबे जाय रये हैं हमारी रछा करौ।”
26
तब ईसू चेलान ते कैहबे लगौ, “हे भरोसे में कमजोर लोगों तुम चौं डर रयेऔ?” और तब ईसू ने खड़े हैके पानी और तूफान कूं डांटौ, और चारौ लंग बड़ी सान्ती है गई।
27
और तब लोग चकित हैके कैहबे लगे, “जि कैसौ आदमी है? तूफान और पानीऊ जाकौ कहनों मान रये हैं।”
28
जब ईसू झील के पल्ली पार गिरासेनियों के देस में पौंहचौ, तौ दो आदमी जिनमें दुस्ट आतमाएं हतीं कब्रिस्तान में ते निकरते भए बाय मिले, जो इतने भयंकर हते बिनके डरके मारै, बा रस्ता ते कोई नांय जातौ हतो।
29
बे चिल्लाय के कैहबे लगे, “हे परमेस्वर के बेटा तू हमते का चाहबतेै? का तू हमें बखत ते पैहले दुख दैबे आयौऐ?”
30
बिनते कछू दूर सूगरन कौ एक बड़ौ झुन्ड चर रयौ हतो।
31
दुस्ट आतमा नें ईसू ते जि कैहके बिनती करी, “अगर तू हमें निकारबौ चाहबे, तौ हमें बिन सूगरन के झुंड में भेज दै।”
32
ईसू ने बिन दुस्ट आतमांन ते कही, “जाओ।” बू निकरकें सूगरन के झुंड में घुस गईं और बू सूगरन कौ झुंड पहाड़ पैते लुढ़कत लुढ़कत पानी में जाय गिरौ और डूब मरौ।
33
और जि देखकें सूगरन कूं चरायबे बारे भाजकैं सहर में गये और सहर में जायकें जि सब बात जो बिन्नें देखी हतीं, जो कछू बिन दुस्ट आतमान ते परेसान लोगन के संग भयौ बिन्नैं कह सुनाईं।
34
और सहर के जादातर लोग ईसूए देखबे के काजै आये, और ईसू ते जि कैहकै, बिनती करबे लगे कै, “तू हमारे सहर ते बाहर चलौ जा।”
← Chapter 7
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 9 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28